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हिमाचल में 35.25 फीसदी युवा, CM ने किया युवा-2018 दस्तावेज का विमोचन

शिमला
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा तैयार हिमाचल प्रदेश में युवा-2018 दस्तावेज का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने विभाग के इस प्रयास की सराहना की तथा कहा कि इस दस्तावेज में युवाओं के कल्याण के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के अतिरिक्त युवाओं से सम्बन्धित जनसाख्यिकीय, सामाजिक व अन्य रूपरेखा पर प्रकाश डाला गया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कुल जनसंख्या में 35.25 प्रतिशत युवाओं की है जो कि राष्ट्रीय स्तर पर 34.80 प्रतिशत से अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संकलित प्रकाशन युवाओं के लिए नीति निर्धारित में सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नीति निर्धारण का यही सही समय है। मानव संसाधन के रूप में राज्य की प्रगति के लिए लाभांश का दोहन करना अति आवश्यक है।
दस्तावेज के अनुसार फरवरी, 2014 में जारी की गई राष्ट्रीय युवा नीति ने भारत के युवाओं के लिए एक समग्र दृष्टि का प्रस्ताव रखा हे, जिसमें देश के युवाओं को अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए सशक्त बनाना है, ताकि भारत को वैश्विक समुदाय में अपनी सही जगह मिल सके।
भारत सरकार ने देश भर में चलने वाली सभी कौशल विकास सम्बन्धित गतिविधियों को एक सूत्रीय ढांचा प्रदान करने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता राष्ट्रीय नीति-2015 तैयार की है। ताकि सभी गतिविधियों के समान मानक हो और कौशलता को मांग केन्द्रों से भी जोड़ा जा सके।
प्रदेश ने कौशल विकास क्षेत्र में बेहतर कार्य किया है और कौशल विकास नीति-2016 तैयार की है।
युवा जनसंख्या के घटक के रूप में हिमाचल प्रदेश की अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति है। 1971 की जनगणना के अनुसार युवाओं की कुल जनसंख्या 10.56 लाख से बढ़कर 2011 में 24.20 लाख हो गई है।
40 साल की इस अवधी में युवाओं की आवादी 129 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि इसी अवधी में समान्य जनसंख्या में 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
      भारत में 1991 से 15 से 34 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं का लिंगानुपात लगातार कम हो रहा है जबकि हिमाचल प्रदेश में स्थिति थोड़ी अलग है।
भारत में 1971 में लिंगानुपात 961 था, जो 1911 में घटकर 39 रह गया है जबकि इसी आयु वर्ग में हिमाचल प्रदेश में 1971 में लिंगानुपात 961 था, जो 1911 में बढ़कर 972 हो गया है।
15 से 19 आयु वर्ग में विवाहित महिलाओं का हिस्सा घटकर 9.02 हो गया है, जो एक स्वागत योग्य बदलाव है। हिमाचल प्रदेश में महिलओं की प्रभावी विभाग की आयु वर्ष 2015 में 23 वर्ष थी जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 22.3 वर्ष थी।
हिमाचल प्रदेश में महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम हो रही है और शहरी इलाकों में कुल प्रजन्न दर प्रत्येक महिला से दो बच्चों के अनुपात से भी कम है। कुल प्रजन्न दर 2005 के 2.2 के स्तर से गिर कर 2015 में यह केवल 1.7 रह गई है, जो कि जनसंख्या स्थिरता के 2.1 अनुपात स्तर से भी 0.4 अंक निचे है।
हिमाचल प्रदेश में 15 से 34 वर्ष आयु वर्ग में साक्षरता दर 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है जबकि 1971 में यह मात्र 46.8 प्रतिशत थी।
स्नातक स्तर पर छात्रों का नामांकन (79.32 प्रतिशत) सबसे अधिक है। वर्ष 2011-12 के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 54 प्रतिशत पुरूष तथा 47 प्रतिशत महिलाएं श्रम शक्ति में शामिल थी।
1911-12 के दौरान पुरूषों तथा महिलाओं दोनों की बेरोजगारी दर 1.8 प्रतिशत थी जबकि शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की 11 प्रतिशत व पुरूषों की 2.1 प्रतिशत बेरोजगारी दर थी।
इस अवसर पर डा. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित, अर्थ एवं संख्या विभाग), प्रदीप चौहान, आर्थिक सलाहकार और विभाग के अन्य विरष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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