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हिमाचल प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

 

राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण

मुख्यमंत्री ने की कर्मचारियों व पेंशनरों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते की घोषणा

राज्य के विकास में कर्मचारियों की अहम भूमिका

70वां स्वतंत्रता दिवस आज समूचे हिमाचल प्रदेश में हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राज्य, जिला तथा उप मण्डल स्तर पर समारोहों का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय ध्वजारोहण, पुलिस, गृह रक्षा, एनसीसी, आईटीबीपी के जवानों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोहों के मुख्य आकर्षण रहें। पारम्परिक परिधानों में सुसज्जित बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही समारोह स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए थे।

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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोलन में राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्य सरकार के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को पहली जनवरी, 2016 से 6 प्रतिशत मंहगाई भत्ता प्रदान करने की घोषणा की। यह भत्ता अक्तूबर माह के वेतन से नकद मिलेगा। कर्मचारियों तथा पेंशनरों को 5 प्रतिशत अंतरिम राहत पहले ही अगस्त, 2016 से प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दिन से हमारी सरकार सत्ता में आई है, हमारी सरकार का ध्येय हिमाचल के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं तथा सड़क सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ उनका कल्याण सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास को नई दिशा प्रदान करने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि ‘शिक्षा विकसित समाज की रीढ़ है, और इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक बच्चे को बुनियादी एवं गुणात्मक शिक्षा प्रदान कर उसे सशक्त बनाना मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है’। शिक्षा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य में 1010 नई पाठशालाएं खोली अथवा स्तरोन्नत की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के दो वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में आधुनिक बुनियादी एवं शिक्षण सुविधाएं प्रदान करने के लिए ’मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना’आरम्भ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा का संबंध है, राज्य में विशेषकर ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में 24 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 2 इंजीनियरिंग कालेज तथा 41 कालेज खोले गए हैं, जिससे इन क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा में क्रांति आई है। राज्य सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दौरान ऊना जिले में भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी), सिरमौर जिले में भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम) तथा शिमला जिले में ललित कला महाविद्यालय खोले गए हैं, जिनसे युवाओं को पसंदीदा व्यावसायिक पाठ्यक्रम चुनने के और विकल्प उपलब्ध हुए हैं।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमें प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करने की आवश्यकता है, ताकि वह अपने जीवन में रोजगार एवं स्वरोजगार प्राप्त करने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि महज गत साढ़े तीन वर्षों के दौरान हमारी सरकार ने अकेले सरकारी क्षेत्र में 41,500 नौकरियां प्रदान की हैं, तथा हजारों दिहाड़ीदारों की सेवाएं नियमित की गई हैं।

इसके अतिरिक्त, कौशल विकास भत्ता योजना के अन्तर्गत राज्य में 1.27 लाख युवाओं को लाभान्वित किया गया है। योजना के अन्तर्गत बेरोजगार युवाओं को उनकी रूचि के अनुरूप व्यवसाय में उनके कौशल उन्नयन के लिए 1000 रुपये तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को 1500 रुपये प्रतिमाह भत्ता प्रदान किया जा रहा है, और इसपर 93 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान 135 स्वास्थ्य संस्थान खोले अथवा स्तरोन्नत किए गए हैं, जबकि पिछली सरकार केे  कार्यकाल के दौरान केवल 28 संस्थान खोले गए थे। इसी अवधि के दौरान वर्तमान सरकार ने चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाॅफ सहित विभिन्न श्रेणियों के 2500 से अधिक पद भरे हैं, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान केवल 473 पदों का सृजन किया गया था। उन्होंने कहा कि हमीरपुर, चम्बा तथा सिरमौर जिलों में तीन मेडिकल कालेज खोले जा रहे हैं, और राज्य के लिए एम्स स्वीकृत किया गया है, जिसे बिलासपुर जिले में खोला जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने मण्डी के नेरचैक स्थित ईएसआईसी मेडिकल कालेज को अपने अधीन लिया है, और अब राज्य में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमें लम्बी लड़ाई एवं कड़े संघर्ष के उपरान्त आजादी हासिल हुई है और स्वतंत्रता संघर्ष में हिमाचल प्रदेश के लोगों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मैं, इस दिवस पर राज्य के लोगों को दिल की गहराईयों से बधाई देता हूं तथा हिमाचल प्रदेश के संस्थापक एवं प्रथम मुख्यमंत्री डा. यशवन्त सिंह परमार को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने राज्य को अलग दर्जा दिलाने के लिए न केवल कड़ा संघर्ष किया, बल्कि राज्य विकास की एक मजबूत नींव भी रखीं। उन्होंने देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा लोगों का कल्याण उनकी सरकार की एजेंडे में सर्वोपरि है। राज्य में 3.87 लाख से अधिक पात्र विधवाओं, बुजुर्गों तथा विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को 650 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। 80 वर्ष की आयु से ऊपर के लोगों तथा 45 वर्ष आयु से कम विधवाओं को 1200 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की दिहाड़ी 150 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये की गई है। समस्त अनुबन्ध कर्मचारियों तथा दैनिक भोगियों, जिन्होंने क्रमशः 5 तथा 7 वर्ष का नियमित कार्यकाल पूरा कर लिया गया है, की सेवाओं को नियमित किया जा रहा है। अशंकालीन जलवाहकों, जल संरक्षकों, सिलाई अध्यापकों, ग्राम विद्या उपासकों, गृह रक्षकों तथा पंचायत चैकीदारों के मानदेय में आशातीत वृद्धि की गई है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को गरीब एवं पात्र व्यक्तियों को ही बीपीएल सूची में सम्मिलित करना चाहिए तथा अति गरीब व्यक्तियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए संस्तुति करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत साढ़े तीन वर्षांे के दौरान राज्य खाद्य अनुदान योजना के अन्तर्गत अनुदान दरों पर दालें, खाद्य तेल तथा नमक प्रदान करने पर 667 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। उन्होंने कहा कि सस्ती दरों पर राशन सहित ‘राजीव अन्न योजना’ के अन्तर्गत राज्य के 37 लाख से अधिक लोगों को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

वीरभद्र सिंह ने सोलन जिले में हुए विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि सोलन में 26 करोड़ की लागत से मिनी सचिवालय का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एक छत्त के नीचे लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक कार्यालय स्थापित होंगे। इसके अतिरिक्त, शामती बाईपास सड़क के लिए 5.41 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। धर्मपुर, दिग्गल, बरोटीबाला तथा कण्डाघाट में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलन जिले में 243 नए उद्योग स्थापित किए गए हैं, जिनमें 4500 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। जिले में 144 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है, जिनसे 1894 गांवों को सड़क सुविधा उपलब्ध हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों, सिपाहियों तथा पूर्व सैनिकों के सदैव ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने इनकी ‘सम्मान राशि’को 7500 रुपये से बढ़ाकर 10000 रुपये तथा उनकी विधवाओं और अविवाहित लड़कियों की सम्मान राशि 3500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह की गई है।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा पुलिस, गृह रक्षा, एनसीसी, स्काऊट एण्ड गाईड और स्कूली बच्चों सहित एनएसएस केडिटों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च- पास्ट की सलामी ली। परेड़ का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अर्जित सेन ठाकुर ने किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित भी किया।

इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों तथा अन्यों को पुरस्कार भी वितरित किए।

बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती व श्री मनसा राम, राज्य युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह, विधायक मोहन लाल बराक्टा, मुख्य सचिव वी.सी. फारका, पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, अन्य वरिष्ठ सिविल एवं पुलिस अधिकारी तथा शहर के गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसी प्रकार के समारोहों का आयोजन विभिन्न जिलों में भी किया गया, जहां राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्यों ने ध्वजारोहण किए।

बिलासपुर जिला

बिलासपुर में आयोजत जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बृज बिहारी लाल बुटेल ने तिरंगा फहराया तथा पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्काउट एंड गाईड की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इससे पहले बृज बिहारी लाल बुटेल ने चंगर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने हिमाचल प्रदेश को कई मायनों में देश का अग्रणी राज्य बना दिया है। अच्छी अर्थव्यवस्था और प्रबंध कुशलता के लिए इस पहाड़ी प्रदेश की अब देश में खास पहचान है। वर्तमान लोकप्रिय प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद शासन की नीतियों व कार्यक्रमों में जनता को सहभागी बनाया है जिससे विकास और जनकल्याण का संकल्प और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अनेक मोर्चों पर इस अवधि में उत्कृष्ट काम किये हैं और हमारी उपलब्धियां क्षेत्र, धर्म, जाति एवं मत से ऊपर उठकर, राज्य के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

समारोह में राज्य योजना विकास एवं बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति अध्यक्ष रामलाल ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव राजेश धर्माणी, विधायक बंबर ठाकुर, पूर्व विधायक बाबू राम गौतम, तिलक राज, डा0 बीरू राम,  उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर व अन्य लोग उपस्थित थे।

शिमला जिला

जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित किया गया, जहां सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, बागवानी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री विद्या स्टोक्स ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी और स्काॅउटस एण्ड गाइडज की टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली।

स्टोक्स ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में पेयजल आपूर्ति योजनाओं पर 773 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के अंतर्गत 6949 अतिरिक्त बस्तियों को पेयजल सुविधा प्रदान की गई है तथा जलाभाव वाले क्षेत्रों में 4890 हैंडपंप स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार 400 करोड़ रुपये की लागत से 10586 हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान की है। इस वर्ष पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान हैंडपंप स्थापित करने के लिए किया गया है।

स्टोक्स ने कहा कि प्रदेश में विश्व बैंक द्वारा पोषित 1115 करोड़ रुपये की हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना कार्यान्वित की जा रही है, जिससे बागवानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। प्रदेश में कृषि एवं बागवानी की गतिविधियों के विविधिकरण तथा इन्हें जलवायु प्रतिरोधी बनाने के लिए सरकार द्वारा 111.19 करोड़ रुपये की डाॅ. वाई एस परमार स्वरोजगार योजना तथा 154 करोड़ रुपये की राजीव गांधी सूक्ष्म सिंचाई योजना कार्यान्वित की जा रही है।

जिला में गत साढ़े तीन वर्षों में 10211 बस्तियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया गया, जिस पर 154 करोड़ 95 लाख रुपये खर्च किए गए। जिला में 16 करोड़ 92 लाख रुपये व्यय कर 3,304 हैक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा के तहत लाया गया है। बागवानों को बागीचा जीर्णोद्धार कार्यक्रम के तहत जिला में 3 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि एकीकृत बागवानी मिशन के तहत जिला में 45 केंचुआ खाद इकाईयां, 25 हजार 142 वर्ग मीटर हरित गृह में फूलों का उत्पादन, 21 लाख 42 हजार वर्ग मीटर ओला अवरोधक जालियां तथा 1 हजार 980 बागवानी उपकरण उपलब्ध करवाए गए, जिस पर अनुदान सहायता स्वरूप 6 करोड़ 26 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 97 करोड़ 92 लाख 91 हजार रुपये व्यय कर 42 हजार पेंशनधारकों को पेंशन प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिमला जिला में 11 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व 2 स्वास्थ्य उप केंद्र खोले गए। 7 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 1 सी एच सी को सीविल अस्पताल का दर्जा प्रदान किया गया। 10 हैल्थ सब सैंटर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया।

श्रीमती विद्या स्टोक्स ने कहा कि जिला में गत साढ़े तीन सालों में 31 नए प्राथमिक स्कूल खोले गए और 63 प्राथमिक स्कूलों को माध्यमिक पाठशाला का दर्जा प्रदान किया गया। 71 माध्यमिक स्कूलों को उच्च पाठशाला का दर्जा प्रदान किया गया तथा 58 उच्च विद्यालय, वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के रूप में स्तरोन्नत किए गए।

इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव नन्द लाल, विधायक सुरेश भारद्वाज, महापौर शिमला नगर निगम संजय चैहान, नगर निगम के पार्षदगण, उपायुक्त शिमला  रोहन चंद ठाकुर, एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति और भारी तादाद मंे लोग उपस्थित थे।

मण्डी जिला

मंडी में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, राजस्व एवं विधि मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने की। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया  किया तथा पुलिस, होमगार्ड, एन.सी.सी., एन.एस.एस, स्काउट एंड गाईड की टुकड़ियों की सलामी ली।

कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 135 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान खोले गए हैं । मंडी के नेरचैक स्थित ई.एस.आई. मेडिकल कालेज को प्रदेश सरकार ने स्वयं चलाने का निर्णय लिया है। प्रदेश के हमीरपुर, चम्बा तथा सिरमौर ज़िलों में तीन मेडिकल काॅलेज खोले जा रहे हैं जिनमें से नाहन में काॅलेज में इसी सत्र से कक्षाएं आरंभ कर दी जायेगी । प्रदेश के लिए एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भी स्वीकृत किया गया है जिसे बिलासपुर जिले में खोला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरदराज तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 41 नये महाविद्यालय खोले गए तथा इनके लिये 3355 पद सृजित किए गए हैं। राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में सरकारी स्कूलों तथा केन्द्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों को घर से स्कूल आने-जाने की निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जा रही है।

मंडी जिला में हुए विकास की चर्चा करते हुए ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार के साढ़े तीन सालों के कार्यकाल के दौरान 18 प्राथमिक तथा 5 उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए । 5 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सिविल अस्पताल का दर्जा प्रदान किया गया । इसके अतिरिक्त एक नये स्वास्थ्य खंड कटौला का गठन व संचालन हुआ है ।मंडी में 100 बिस्तर तथा सुन्दरनगर में 50 बिस्तरों का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र ;अस्पतालद्ध स्वीकृत किए गए हैं, जिनके भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में डायलासिस केंद्र, एफ.आई-ए.आर.टी केंद्र, आधुनिक शव गृह तथा एस.आर.एल लैब स्थापित की गयी।

कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला में लोगों को घर के समीप ही राजस्व संबंधी कार्य की सुविधा के लिए 3 उपमंडलाधिकारी, ;ना0द्ध कार्यालय खोले गए हैं । इसके अतिरिक्त चार नई उप-तहसीलों को खोलने के साथ ही चार उप-तहसीलों का दर्जा बढ़ाकर तहसील बनाया गया है । उन्होंने कहा कि प्रदेश में उक्त अवधि के दौरान दस उपमंडलाधिकारी कार्यालय, 15 उप-तहसीलों को तहसील का दर्जा तथा 30 नई उप तहसीलें खोली गयी हैं । इसके अतिरिक्त राज्य में 778  पटवारियों की नियुक्तियां की गई है तथा 1120 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जिनमें से मंडी जिला में 314 पद भरे जा रहे हैं ।

इस अवसर स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

इससे पूर्व कौल सिंह ठाकुर ने  महात्मा गांधी चैक पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की।

कार्यक्रम में मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, सांसद राम स्वरूप शर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक जय राम ठाकुर, जिला परिषद के उपाध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर, नगर परिषद की अध्यक्षा नीलम शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे ।

कांगड़ा जिला

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में खाद्य नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले, परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली। मार्च पास्ट में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के संदेश के साथ ‘कांगड़े दी मुन्नी’ के अभियान के अन्तर्गत बच्चियों के एक दल ने भी मार्च पास्ट में भाग लिया।

इस अवसर पर बाली ने अनेक सौगातें देने की घोषणा की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए, ‘राजधानी एक्सप्रैस’के नाम से सभी जिला मुख्यालयों से शिमला के लिए 15 से 20 सीटों वाले वातानुकूलित वाहनों की नई परिवहन सेवा आरंभ करने की घोषणा की।

परिवहन मंत्री ने प्रदेश सरकार के सभी कर्मचारियों, राज्य के सार्वजनिक सेवा उपक्रमों के कर्मचारियों और केन्द्र सरकार के राज्य में तैनात कर्मचारियों को एचआरटीसी की साधारण बसों में प्रदेश में यात्रा के दौरान बस किराये में 15 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि एचआरटीसी अगले दो महीनों के भीतर शिमला के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर लोगों की सुविधा के लिए टैक्सी सेवा उपलब्ध करवायेगी। परिवहन मंत्री ने प्रथम चरण में धर्मशाला, चम्बा और मनाली में ये टैक्सी सेवा आरंभ करने की घोषणा की।

उन्होंने 6 रूटों ‘मैक्लोडगंज-दिल्ली’, ‘चंबा-दिल्ली’, ‘बैजनाथ-चंडीगढ़’, ‘शिमला-कटड़ा’, ‘शिमला-हरिद्वार’, और ‘मनाली-अमृतसर’, पर सुपरलग्जरी वॉल्वो बसें चलाने की भी घोषणा की। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि एचआरटीसी प्रदेश के पढ़े-लिखे नौजवानों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए रिटेल आउटलेट पैट्रोल पंप्स आरंभ करेगी, जिन्हें इच्छुक युवाओं को राजस्व साझेदारी के आधार पर चलाने के लिए दिया जायेगा।

परिवहन मंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों से दिल्ली के लिए 20 से 25 सीटों वाले लग्जरी वाहनों की परिवहन सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने प्रथम चरण में नाहन और पांवटा साहिब से दिल्ली के लिए यह लग्जरी सेवा आरंभ करने की घोषणा की और कहा कि शीघ्र ही अन्य स्थलों से भी ये सेवा शुरू की जाएगी।

उन्होंने एचआईवी रोगियों की सुविधा के लिए, उन्हें महीने में एक बार शिमला जाकर अपनी ए.आर.टी करवाने के लिए एचआरटीसी की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की।

बाली नेे कहा कि राज्य के लगभग 37 लाख लोगों को राजीव गांधी अन्न योजना के अन्तर्गत खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्हें 2 रुपये प्रति किलो की दर से 3 किलो गेहूं तथा 3 रुपये प्रति किलो की दर से 2 किलो चावल प्रति व्यक्ति प्रति माह प्रदान किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 50 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर व्यय 100 करोड़ व्यय किए जाएंगे। प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 24 नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान और दो इंजीनियरिंग कालेज खोले गए हैं। एशियन विकास बैंक के सहयोग से लगभग 50 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का सुदृढ़ीकरण किया जायेगा तथा इसमें एनसीवीटी मानकों के अनुसार मशीनरी एवं उपकरण खरीदने के लिए लगभग 100 करोड़ रूपये का व्यय प्रस्तावित है।

बाली ने कहा कि राज्य पथ परिवहन निगम के बेड़े में 1231 नई बसें शामिल की हैं। 300 नई बसें खरीदी जा रही हैं, इनमें से 185 बसें ग्रामीण क्षेत्रों में चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए 23 बस अड्डों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये जा रहे हैं। सभी महिलाओं को राज्य पथ परिवहन निगम की सामान्य बसों में प्रदेश के भीतर किराये में 25 प्रतिशत छूट दी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव (सिंचाई) जगजीवन पाल, निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रतिनिधि, उपायुक्त कांगड़ा रितेश चैहान, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

चम्बा जिला

चम्बा में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने की। उन्होंने ध्वजारोहण किया तथा पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी व एनएसएस द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट की सलामी ली।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ज्ञान दीप योजना विद्यार्थियों को 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने टी.डी. अधिकार को बहाल किया है तथा 775 गांवों को वन्य प्राणी अभ्यारण से बाहर किया है, जिससे इन गांवों में विभिन्न विकास के कार्यों को गति मिली है।

विधायक  बी.के. चैहान, प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव  पवन नय्यर, जिला विपणन समिति के अध्यक्ष  नीरज नय्यर, नगर परिषद की अध्यक्ष सुश्री नीलम नय्यर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

ऊना जिला

ऊना में आयोजित जिला स्तरीय स्वतन्त्रता दिवस समारोह में उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा हिमाचल पुलिस, होम गार्ड, एनसीसी, गाइड एवं स्काउटस और एनएसएस की टुकडियों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इस मौके पर विभिन्न विभागों द्वारा जिला के विकास को प्रदर्शित करती हुई विकासात्मक झांकियां भी निकाली गई।

उद्योग मंत्री ने कहा कि गत 44 महीनों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कुशल नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश ने देश में एक आदर्श पहाड़ी राज्य होने का गौरव हासिल किया है। उन्होने कहा कि केंद्र द्वारा दिये गए विशेष औद्योगिक पैकेज के समाप्त होने के बावजूद गत साढ़े तीन वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश के प्रस्ताव आए हैं, जबकि शीघ्र ही औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में निवेशकों के लिए विभाग द्वारा एक इनवेस्टर मीट का आयोजन किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को ओर गति मिलेगी।

अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने  साढे तीन वर्षों के कार्याकाल के दौरान अकेले सरकारी क्षेत्र में ही जहां 27 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया है तो वहीं अगले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में चतुर्थ श्रेणी के 25,000 नए पद सृजित करने का भी फैसला लिया गया है।

ऊना जिला का जिक्र करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि सत्ता में आते ही प्रदेश काँग्रेस सरकार ने स्वां नदी की सभी 73 खड्डों के तटीकरण की महत्वाकांक्षी परियोजना को तत्कालीन यूपीए सरकार कि मदद से शुरू की, जिस पर अनुमानित लगभग 922 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। उन्होने कहा कि इस परियोजना के तहत अब तक लगभग पौने चार सौ करोड रूपये खर्च हो चुके हैं। उन्हांेने कहा कि जिला की सभी 234 पंचायतें खुला में शौच मुक्त हो चुकी हैं, जबकि 55 पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।

उद्योग मंत्री ने कहा कि जिला में 22 हजार 62 पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में लिया गया है, जबकि इस वर्ष 14 सौ नए लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिला के गोंदपुर में 105 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया है जबकि इसी की तर्ज पर ऊना मिनी सचिवालय परिसर में भी 131 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज को स्थापित किया जाएगा।

इस मौके पर उद्योग मंत्री की धर्मपत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री, उपायुक्त विकास लाबरू, पुलिस अधीक्षक अनुपम शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजेश कुमार मारिया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

हमीरपुर जिला

हमीरपुर में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहरी व नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिमाचल के विकास और निर्माण में अमूल्य सहयोग देने वाले महापुरूषों  की कुर्बानियों से हमें सामाजिक एकता एवं अखण्डता बनाये रखने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पूर्ण अस्तित्व में आने के बाद अभूतपूर्व प्रगति के  शिखरों को छुआ जिसके कारण इस पहाड़ी प्रदेश देश के पहाड़ी राज्य में अपनी अलग पहचान बना कर उभरा है।

उन्होंने कहा कि शहरी तथा नगर नियोजन विभाग की ओर से ऑनलाइन पंजीकरण तथा भवन निर्माण स्वीकृति के लिए नागरिक सुशासन मोबाइल एप सेवा आरंभ की गई है ताकि लोगों को समयबद्व सेवा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी शहरी निकायों के लिए जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर सभी तरह के अनापत्ति प्रमाण पत्र, विद्युत, पानी अन्य करों की अदायगी के लिए भी टीसीसी विभाग शीघ्र ही एक और एप लांच करने जा रहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी नगर निकायों में स्ट्रीट लाइट की जगह एलईडी लाइट्स की व्यवस्था की जाएगी ताकि नगर निकायों की विद्युत खर्च को कम किया जा सके और शहरी क्षेत्रों में लोगों को लाइट की बेहतर सुविधा दी जा सके।

उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी फड़ी की जगह लोगों को स्थायी खोखे उपलब्ध करवाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त शहरी क्षेत्रों में लाल बहादुर शास्त्री योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में गरीब लोगों को 365 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है ताकि निर्धन लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा आकर्षक एवं मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये Û,।

इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव इन्द्र दत्त लखनपाल, स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पंडित सुशील रत्न, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव अनिता वर्मा, अपादा प्रबन्धन प्राधिकरण उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा, केसीसी बैंक उपाध्यक्ष कुलदीप पठानिया सहित  अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कुल्लू जिला

70वां स्वतंत्रता दिवस कुल्लू में धूमधाम से मनाया गया। ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चैधरी ने तिरंगा फहराया तथा भव्य परेड की सलामी ली।

इस अवसर प्रकाश चैधरी ने कहा कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान से ही हमारा देश आजाद हुआ और आज हम प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

कुल्लू जिला में विकास चर्चा करते हुए चैधरी ने बताया कि जिला के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए इस वर्ष 26 करोड़ का बजट रखा गया है। जिला के 23,987 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन दी जा रही है। इस वित वर्ष की पहली तिमाही में जिला में मनरेगा के तहत 11 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। जिले को 31 अगस्त तक खुला शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के लिए जिला को 10 करोड़ 32 लाख का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। इस वर्ष कुल्लू, बंजार व मनाली में सड़कों, पुलों व सरकारी भवनों पर 35 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस वर्ष जिला की 99 बस्तियों को पेयजल मुहैया करवाया जाएगा। कुल्लू, मनाली व बंजार कस्बे के लिए कुल 40 करोड़ की तीन पेयजल योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। जिले में बागवानी प्रसार के लिए साढे पंद्रह करोड़ की योजना केंद्र को भेजी गई है। जिले के चारों नगर निकाय क्षेत्रों कुल्लू, मनाली, भुंतर व बंजार की विद्युत व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए चैदह करोड़ से अधिक की धनराशि मंजूर की गई है। ग्रामीण ज्योति योजना के अंतर्गत जिला को इस वर्ष साढे दस करोड़ का बजट दिया गया है। इस सत्र में जिला के तीन दर्जन से अधिक स्कूल अपग्रेड किए गए तथा दो नए कालेज भी खोले गए।

इस अवसर पर विधायक गोविंद सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर, उपायुक्त हंसराज चैहान, एसपी पदम चंद, प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुंदर सिंह ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चैधरी, नगर परिषद अध्यक्ष विमला महंत अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

सिरमौर जिला

स्वतंत्रता दिवस का जिला स्तरीय समारोह नाहन के चम्बा मैदान मेे बड़े हर्शोल्लास के साथ मनाया गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने राष्ट्रªीय ध्वज फहराया और पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, स्काऊट एंड गाईड तथा षहर के विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत आकशर्क मार्चपास्ट की सलामी ली गई।

उन्होने प्रदेश में हुए विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने विकास का मुख गांव की ओर मोड़ा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मूलभूत सुविधाऐं घरद्वार पर मिल सके और उन्हें षिक्षा अथवा रोजगार के लिए शहर की ओर न जाना पड़े । उन्होंने कहा कि चालू वित के दौरान प्रदेश में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज के तहत 1549 करोड़ रूपये की राशि व्यय की जा रही है ।

मंत्री ने कहा कि चालू वित वर्ष के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदेश में 97 करोड़ की लागत से 12 हजार मकान निर्धन लोगों के लिए निर्मित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा भूमिहीन परिवारों को शहरी क्षेत्र में दो बिस्वा और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि प्रदान की जा रही है।

उन्होने कहा कि 14वें वित आयोग की सिफारिशों के फलस्वरूप प्रदेश की सभी पंचायतों को 195 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है जबकि राज्य वित आयोग के माध्यम से गत तीन वर्षो के दौरान पंचायतों के विकास हेतु 225 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई गई। प्रदेश सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतीराज प्रणाली के अन्तर्गत आने वाले सभी पदाधिकारियों के मानदेय में काफी बढ़ोतरी की गई है ।

इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने नाहन स्थित शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित करके शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार, अध्यक्ष रोजगार सृजन एवं संसाधन संचालन समिति हर्षवर्धन चैहान, विधायक पांवटा किरनेश जंग, विधायक नाहन डा. राजीव बिन्दल सहित पंचायतीराज के चुने हुए प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

लाहौल-स्पिति जिला

70वां जिला स्तरीय स्वतन्त्रता दिवस आज जिला मुख्यालय केलंग के पुलिस मैदान में बडे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । आयुर्वेद तथा सहकारिता मंत्री कर्ण सिंह  ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।

इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए आयुर्वेद मंत्री ने कहा कि जिला में पिछले तीन वर्षों के दौरान अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि जनजातीय उपयोजना के तहत राज्य बजट का 09 प्रतिशत भाग हर वर्ष आवंटित किया जाता है। जिला में जनजातीय उपयोजना के अन्र्तगत चालू वित्त वर्ष में 58 करोड़ 82 लाख रूपये बजट का प्राबधान किया गया है। इसके अतिरिक्त जिला के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के अन्र्तगत एक करोड़ 54 लाख रूपये चालू वित्त वर्ष मे व्यय किए जाएंगे।

इस अवसर पर विधायक लाहौल रवि ठाकुर, बूल फेडरेशन के अध्यक्ष ठाकुर रधुबीर सिंह, उपायुक्त विवेक भाटिया, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

किन्नौर जिला

किन्नौर के मुख्यालय रिकांगपिओ में स्वतन्त्रता दिवस समारोह के अवसर पर  उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश विधान सभा  जगत सिहं नेगी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल, हिमाचल प्रदेश पुलिस, गृह रक्षको की पुरूष व महिला टुकडियों, एन0सी0सी0 व स्थानीय स्कूलों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत मार्चपास्ट की सलामी ली।

उपाध्यक्ष ने वर्तमान सरकार द्वारा साढे तीन वर्षा में किये विकास की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, जो वर्ष 1948 में 240 रुपये प्रति व्यक्ति थी बढकर 1,30,067 रुपये हो गई है जबकि साक्षरता दर 1948 के 7 प्रतिशत की तुलना में 83.78 प्रतिशत से भी अधिक है। वर्तमान सरकार ने सरकारी व निजी क्षेत्र में 60 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है । सरकारी क्षेत्र में ही 27 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया है जबकि आने वाले दो वर्षो में हम अकेले सरकारी क्षेत्र में 25 हजार लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है। प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार द्वारा टी.डी. के अधिकार बहाल किए गए है। पिछले वर्ष किन्नौर में 37 लाख 50 हजार रिकार्ड सेब के बक्से देश के विभिन्न मण्डियों में भेजे गए ।

इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर डा. नरेश कुमार लट्ठ्, पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी, जिला परिषद अध्यक्षा प्रतिश्वरी नेगी, पंचायत समिति अध्यक्ष देव कुमारी सहित स्थानीय लोग व पंचायतों के जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

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