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राजा साहब के रामपुर में ये क्या हो रहा है….

आखिर क्यों हिल रही है रामपुर की धरती—

सतलुज नदी के तट पर बसे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के गृहक्षेत्र रामपुर बुशहर और आसपास के क्षेत्रों में न जाने क्या हो रहा है कि लोग मारे दहशत के घरों के भीतर जाने में भी डर रहे हैं। वो आशियाने जो लोगों ने अपने खून पसीने की गाड़ी कमाई से अपने सपनों को साकार करते हुए उम्रभर की कमाई जोड़कर बनाए थे अब एकाएक आने वाले भूकंप के झटकों से सहमे लोग दहशत में हैं कि घरों के भीतर जाएं तो कैसे।

rampur

आज सुबह सवा 5 बजे से लेकर 9 बजे तक करीब 15 बार भूकंप के झटके सहन कर लोग दहशत में आ गए हैं। इनमें सबसे बड़ी तीव्रता का भूकंप 4.6 तीव्रता  का बताया गया जबकि 4.4 और इससे अधिक और कम क्षमता के बाकी झटकों के कारण लोगों की सांसे अटक गई है।

अलसुबह ही जब लोग भगवान का नाम लेने उठ ही रहे थे कि अचानक जोर से धरती हिली और लोगों को मानों सचेत कर रही हो कि अभी भी संभल जाओ अन्यथा विनाश होने में जरा भी देर न लगेगी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बल्कि बीते 2 माह से अब तक करीब 30 से ज्यादा तीव्र झटके रामपुर व आसपास क्षेत्रों के लोग झेल चुके हैं।

 

भूकंप का केंद्र रामपुर जोन——

आज आए भूकंप का केंद्र बिंदू रामपुर के समीप मां भीमाकाली मंदिर सराहन के नीचे करीब 10 किमी बताया गया। जबकि इससे पूर्व आए भूकंप के केंद्र भी रामपुर के आसपास कुल्लू जिला में रहे। इनका सबसे ज्यादा प्रभाव भी रामपुर क्षेत्र में ही देखा गया। यूं भूकंप आना भूगर्भ की सामान्य गतिविधि है लेकिन एक अनछुए क्षेत्र में इस तरह लगातार झटके आऩा असामान्य है। 

सुबह से घरों से बाहर हैं लोग—–

सुबह सवा पांच बजे जब पहली बार भूगर्भ में हलचल हुई, तब से लेकर 10 बजे तक शहर हो या गांव लोग घरों के बाहर हैं। डर के साये में लोगों को अपनी और अपनों की चिंता सता रही है। लोग एक दूसरे को फोन कर कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। कहीं नुकसान तो नहीं हुआ इस बात की जानकारी ले रहे हैं।

भूकंप से हुआ नुकसान—

आज आए भूकंप के कारण क्षेत्र के कई भवनों की नींवें हिल गई हैं। कई घरों में दरारें पड़ गई हैं तो कई क्षेत्रों में जमीनों पर भी दरारें देखी गई हैं। लोगों को आशंका है कि अगर 5 या इससे अधिक तीव्रता का एक झटका और आया तो कई भवन जमींदोज हो सकते हैं। इस अंदेशे से लोग डरे-सहमे से हैं।

 

 

भूकंप को लेकर रिसर्च करने की जरूरत

रामपुर क्षेत्र में आने वाले इस तरह के भूकंप कही किसी बड़ी आपदा की ओर तो इशारा नहीं कर रहे, इस पर रिसर्च किए जाने की जरूरत है। रामपुर ऊपरी क्षेत्र का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है। साथ ही 1500 मेगावाट ऩाथपा-झाकड़ी, 1000 मेगावाट कड़छम-वांगतू, 420 मेगावाट रामपुर परियोजना सहित सैकड़ों छोटी-बड़ी परियोजनाएं इस क्षेत्र में स्थापित हैं। इसके अलावा सेब उत्पादन क्षेत्र में इस समूचे क्षेत्र का बड़ा योगदान है। आखिर इतने भूकंप क्यों, इस पर रिसर्च होना लाजिमी प्रतित होता है।

 

2 comments

  1. Yes there should be such kind of research that why these earthquakes are coming!

    It never happened before……

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