Breaking News

क्या तब…?

तप्त अग्नि में जलकर
राख हो जाऊंगा।
एक दिन मिट्टी में मिलकर
खाक हो जाऊंगा।
तब मिट्टी को रौंदकर
क्या मुझे  याद करोगे?
झूठे ख्वाबों की शायरी से
क्या मेरा इंतजार करोगे?
करना है इश्क़ तो
अब कर सनम।
लगा सीने से तस्वीर को
क्या तब याद करोगे?
उठाकर राख को मेरी
क्या तब इजहार करोगे?
लगा सीने से खाक मेरी
क्या तब इकरार करोगे?
मिलना है तो
आज मिल सनम।
मिट्टी में मिलने के बाद
क्या खुदा से मेरे लिए
फरियाद करोगे?

राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(भाषा अध्यापक)

Check Also

पाराशर द्वारा मुख्यमंत्री को ‘‘कस्तूरी“ पुस्तक भेंट

एप्पल न्यूज़, कांगड़ा 2020-वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रदेश के सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के क्षेत्रीय …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
smart-slider3