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पहली बार किसी सरकार में मंत्रियों को मिला फ्री-हैंड: बालनाटाह

ग्राहकों को अपना लगे को-ऑपरेटिव बैंक- बालनाटाह

जयराम ठाकुर ने छह महीने में खुद को साबित कर दिखाया और जनता में अपनी छवि को निखार कर विरोधियों को भी चित कर दिया। उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि एक साधारण किसान व ग्रामीण परिवेश से निकला व्यक्ति भी प्रदेश का मुख्यमंत्री बन सकता है। हिमाचल के इतिहास में पहली बार कैबिनेट मंत्रियों को अपने मन माफिक बिना किसी रोकटोक व हस्तक्षेप के काम करने का मौका मिल रहा है। यह कहना है हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशीराम बालनाटाह का।

एप्पल न्यूज प्रमुख सीमा शर्मा से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य को-आॅपरेटिव बैंक को बुलंदियों तक पहुंचाना है। दुर्गम और कठिनतम भौगोलिक परिवेश में राजधानी से कोसों दूर बैठे आम ग्राहक को उनके घर द्वार पर बैंक सुविधाएं उपलब्ध हों इस सोच के साथ उनकी टीम प्रदेश में काम कर रही है। पेश है उनसे बातचीत के अंश………………………………..

सवाल – आप स्टेट को-आॅपरेटिव बैंक के अध्यक्ष चुने गए हैं, आपकी क्या प्राथमिकताएं है?

जवाब – अध्यक्ष पद पर रहते हुए मेरे लिए दो काम अहम है। पहला जिन लोगों ने मुझे चुन कर यहां बैठाया, पार्टी व सरकार की अपेक्षाओं पर खरा उतरूं। दूसरा औचित्य यह है कि मैं इस संस्थान को सुरक्षित व संरक्षित रखने की दिशा में काम करूं।

सवाल – वर्तमान में बैंक की क्या स्थिति है?

जवाब – देश में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक नंबर वन पर है। हिमाचल सहकारी बैंक ने लीड लेते हुए 2010 में इस सेक्टर में जितने भी बैंक है पहला एटीएम शिमला में ही स्थापित किया गया था। ग्राहक के मन में ऐसी भावना आनी चाहिए कि उन्हें राज्य सहकारी बैंक अपना बैंक प्रतीत हो, इसी मकसद से टीम भावना के साथ काम कर रहे है। सहकारी बैंक डोडरा क्वार, चंबा, किन्नौर आदि प्रदेश के दुर्गम व पिछड़े क्षेत्रों में भी शाखाएं खोल कर सेवाएं दे रहा है। प्रधानमंत्री का भी शुरू से ही यह मकसद रहा है कि हर खास व आम नागरिक बैंकिंग सुविधा से जुड़े।

सवाल- को-आॅपरेटिव बैंक का क्या सेटअप है, इस बारे में बताएं?

जवाब- वर्तमान में बैंक की कुल 241 शाखाएं कार्यरत है। जिनमें 23 विस्तार शाखाएं भी शामिल हैं। सहकारी बैंक प्रदेश के पुराने हिमाचल माने जाने वाले छह जिलों चंबा, बिलासपुर, मंडी, शिमला, किन्नौर और सिरमौर में कार्यरत है। सैंकड़ों कर्मचारियों के माध्यम से लाखों ग्राहकों को विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा रही है।

सवाल- क्या नई शाखाएं खोलने के प्रस्ताव हैं?

जवाब- बिल्कुल, जिन क्षेत्रों से प्रस्ताव मिल रहे हैं, उन क्षेत्रों का सर्वे करवाने के बाद यदि नियमानुसार नई शाखा खोलने के लिए उपयुक्त पाया जाता है तो उन्हें मंजूरी दी जाएगी। लेकिन इस में अभी समय लगेगा। अभी हमारा मकसद स्थापित शाखाओं के माध्यम से बेहतर कार्य संपादित करना है।

सवाल – क्या नई भर्तियां की जानी है?

जवाब – फिलहाल यह प्रक्रिया प्राथमिक चरण में है। जरूरत के अनुसार नई भर्तियां भी की जाएंगी।

सवाल – क्या स्टेट को-आॅपरेटिव बैंक व कांगड़ा सेंट्रल को-आॅपरेटिव बैंक के विलय की कोई योजना है?

जवाब- अभी तो नहीं। दोनों ही बैंक राज्य के छह-छह जिलों में कार्य कर रहे है। फिलहाल ऐसे किसी प्रस्ताव पर न तो चर्चा हुई और न ही कोई योजना है। भविष्य में यदि कोई प्रस्ताव मिला तो उस पर विचार किया जाएगा।

सवाल – बैंक का व्यवसाय बढ़ाने के लिए किस तरह की योजनाएं बनाई गई हैं?

जवाब – हम व्यवसाय बढ़ाने के लिए कई तरह के प्रयास कर रहे हैं। इसके तहत लोन पाॅलिसी में शाखाओं को लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। जो शाखाएं थोड़ी कमजोर है, उन पर विेशेष ध्यान दिया जा रहा है। रिकवरी को भी तेज किया गया है। लोन प्रक्रिया को सरल करने के साथ ही डिपोजिट बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। निजी और सरकारी बैंकों के साथ प्रतियोगिता है तो ऐसे में ब्याज दर को निर्धारित किया गया है।

सवाल – जयराम सरकार की छह माह की परफोर्मेंस को आप कैसे देखते हैं?

जवाब – सरकार की परफोर्मेंस बहुत अच्छी है। इन छह महीनों में मुख्यमंत्री की छवि लोगों के बीच निखर कर आई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर साधारण ग्राम परिवेश के व्यक्ति है। दूसरा आम जनता में उनका विश्वास बढ़ा है। सभी को साथ लेकर बिना राजनीतिक द्वेष व भेदभाव के समान रूप से हर क्षेत्र का विकास करने में अपना पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह निकल कर आई है कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को फ्री-हैंड दिया है। सभी मंत्री बिना किसी हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से विभाग का कार्य देख रहे हैं, जो पहले नहीं होता था। न ही पहले ग्रामीण व साधारण परिवेश का कोई मुख्यमंत्री रहा है। उनका एक ही निर्देश है कि सभी मंत्री प्रोएक्टिव होकर कार्य करें नतीजे खुद ब खुद सामने आएंगे।

सवाल- पार्टी में लगातार गुटबाजी की चर्चा होती थी, क्या अब गुटबाजी दूर हो गई है?

जवाब– पार्टी में न गुटबाजी थी न ही कहीं गुटबाजी है। भाजपा के सभी वरिष्ठ व कनिष्ठ नेता एकजुटता के साथ अपना काम कर रहे हैं। लक्ष्य साफ है प्रदेश व देश का विकास।

सवाल- तो फिर मुख्यमंत्री को क्यों कहना पड़ा कि अब तो मुझे मुख्यमंत्री मान लो?

जवाब– जयराम ठाकुर ने ऐसा पार्टी के नेताओं को नहीं कहा बल्कि मीडिया के एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अब तो पत्रकार उन्हें मुख्यमंत्री मान लें। यह औपचारिक रूप से नहीं बल्कि मजाकियां लहजे में उन्होंने कहा था।

सवाल- लोकसभा चुनाव को लेकर क्या रणनीति है?

जवाब- चुनाव को लेकर पार्टी तैयारी कर रही है। रोड़ मैप बनाकर उस पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमाचल दौरे पर आएंगे। रणनीति पर चर्चा करने के बाद पूरी पार्टी एकजुट होकर लक्ष्य हासिल करने के लिए कार्य में जुट जाएगी। हिमाचल से चारों सीटें जीत कर केंद्र में फिर से सरकार बनाने की दिशा में हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। यही नहीं पार्टी नेता और कार्यकर्ता अभी से ही मैदान में डट चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कंधों को मजबूत करने में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। निश्चित तौर पर 2019 में फिर से मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी।

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