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महाशिवरात्रि की बधाई- जानें दुर्लभ सिद्धियोग का संयोग, कब और कैसे करें पूजा

एप्पल न्यूज़, शिमला

इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व भोले बाबा के प्रिय वार यानी सोमवार को मनाया जाएगा। शिव का प्रिय दिन तो वैसे भी सोमवार ही है। इस दिन दुर्लभ सिद्धियोग का संयोग श्रद्घालुओं के लिए विशेष फलकारी है। कई वर्षों के बाद यह योग लोगों के जीवन में शिव की कृपा प्राप्ति में सहायक रहेगा। इस दिन रात्रि में व्रत किए जाने के कारण इस व्रत का नाम शिवरात्रि होना सार्थक हो जाता है।


चन्द्र दोष और काल सर्प दोष निवारण के लिए उत्तम समय:-
शिवरात्रि का व्रत फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी को होता है। भोग व मोक्ष को प्राप्त कराने वाले दस मुख्य व्रतों, जिन्हें 10 शैव व्रत भी कहा जाता है, उसमें महाशिवरात्रि व्रतसर्वोपरि है। फाल्गुन मास की शिवरात्रि को भगवान शिव सर्वप्रथम शिवलिंग के रूप में अवतरित हुए थे, इसलिए इसे महा शिवरात्रि कहा जाता है। इस बार 04.03.2019 दिन सोमवार श्रवण/धनिष्ठा नक्षत्र में महाशिव रात्रि का होना अधिक शुभ है। यह दिन चन्द्र दोष निवारण के साथ काल सर्प दोष निवारण के लिए भी अति उत्तम है।
शिवरात्रि के चार प्रहर का पूजन समय
पूजा प्रथम पहर की सायं 06:09 बजे
पूजा द्वितीय पहर की रात्रि 09:14 बजे
पूजा तृतीय पहर की रात्रि 12:15 बजे
पूजा चतुर्थ पहर की प्रातः 03:37 बजे (05.03.2019)
महाशिवरात्रि पर भक्त अपने कष्टों के निवारण व सुख समृद्धि की कामना हेतु अनेक उपाय करते हैं । इस बार भी करें इन उपायों को करने से हर संकट से मुक्ति मिलेगी , घर में साक्षात लक्ष्मी जी का वास होगा, सौभाग्य बनेगा :-
स्कन्दपुराण के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिव पूजन, जागरण और उपवास करने वाले को प्रारब्ध के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
इस दिन रात्रि के समय स्वयं शिव पार्वती जी भ्रमण करते हैं, अत: इस समय में पूजन करने से मनुष्यों के पाप दूर हो जाते हैं।
1- महाशिवरात्रि के दिन कम से कम किसी एक गाय, बैल अथवा सांड को हरा चारा, गुड़ आदि अवश्य खिलाना चाहिए, इससे आपके ऊपर आया बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है।
2- महाशिवरात्रि के दिन रात्रि में 9 बजे के बाद किसी निर्जन स्थान पर बने हुए शिव मंदिर में जाएं तथा वहां साफ-सफाई कर पूजा-अर्चना करें, दीपक जलाएं। इससे आप पर आई बड़ी से बड़ी समस्या भी दूर हो जाएगी।
3- महाशिवरात्रि की रात को शिवलिंग पर “ॐ जूं सः” ये महामृत्युंजय का बीज हे इस मंत्र का जाप करते हुए दूध मिश्रित जल चढ़ाएं तथा बिल पत्र अर्पण करें। इससे स्वयं की तथा परिवार की स्वास्थ्य संबंधी सभी समस्याएं तुरंत ही भाग जाएंगी।
4- महाशिवरात्रि पर एक छोटा सा पारद शिवलिंग घर में लाकर उसकी विधिवत स्थापना करें तथा प्रतिदिन धूप बत्ती, पुष्प आदि चढ़ा पूजा करें। इस उपाय से घर में साक्षात महालक्ष्मी का वास होता है।
5- यदि दाम्पत्य जीवन में समस्याएं हो तो किसी सुहागन स्त्री को सुहाग का सामग्री तथा लाल साड़ी, चूड़ियां, कुमकुम आदि उपहार में दें। गृहस्थ जीवन सुखमय हो जाएगा।
6- महाशिवरात्रि पर योग्यपात्र को कुछ न कुछ दान अवश्य करें। यदि किसी अनाथ आश्रम में भोजन दान दे सकें तो दुर्भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाएगा।
7- महाशिवरात्रि पर किसी शिव मंदिर में जाकर श्रद्धा से “ॐ नमः शिवाय “अथवा महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। इससे कुंडली में चल रहे ख़राब ग्रह भी अनुकूल बन जाते हैं तथा आपके बिगड़े हुए काम भी बनने लगते हैं।
8- शिवपुराण के अनुसार इस दिन बिल्व पत्र के वृक्ष की पूजा करने के बाद शिवलिंग के ऊपर जल चढ़ाना चाहिए। इससे मनावांछित इच्छा पूरी होती है।
महाशिवरात्रि पर इस बार शिवजी की पूजा करने से भक्तों को कई गुणा अधिक फल प्राप्त होगा।
महाशिवरात्रि पर शिवजी को जलाभिषेक व पूजा-पाठ करने से घर में सुख- समृद्धि बनी रहेगी। धार्मिक कार्यों की दृष्टि से यह विशेष माना गया है।

आचार्य मनोज शैल का कहना है कि महाशिवरात्रि पर इनकी पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। इस दिन व्रती को फल, पुष्प, चंदन, बिल्वपत्र, धतूरा, धूप, दीप और नैवेद्य से चारों प्रहर की पूजा करनी चाहिए। दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अलग-अलग तथा सबको एक साथ मिलाकर पंचामृत से शिव को स्नान कराकर जल से अभिषेक करें। चारों प्रहर के पूजन में शिव पंचाक्षर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करें।
महाशिवरात्रि पर इस बार भगवान शंकर के पूजन से सुख-समृद्धि मिलेगी…।

www.a4applenews.com की ओर से आप सभी पाठकों और शुभचिंतकों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

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