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लुटेरे आढ़तियों पर 56 बागवानों ने दर्ज करवाई FIR, अब मिल रही हैं धमकियां

एप्पल न्यूज़, कोटखाई
किसान संघर्ष समिति की कोटखाई में एक बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता संयोजक सुशील चौहान ने की। किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान इसमे विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसमे समिति के सदस्यों के अतिरिक्त अन्य किसानों ने भी भाग लिया। इस बैठक में किसान व बागवानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। जिसमें विशेष रूप से बागवानों का प्रदेश की विभिन्न मण्डियों में आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। पिछले काफी समय से हज़ारो बागवानों का करोड़ों रुपये का बकाया भुगतान आढ़तियों से लेना है परंतु न तो ए पी एम सी इसके लिए कोई क़दम उठा रही हैं और न ही किसानों व बागवानों को मण्डियों में हो रहे शोषण से बचाने के लिए सरकार कोई ठोस निर्णय ले रही है।

प्रदेश में आज अधिकांश किसान व बागवान इस दशा में है कि न तो उनके पास लागत वस्तओं का प्रबंध करने के लिए साधन है जिसके कारण अगामी वर्ष में बेहतर फसल प्राप्त करना भी असम्भव है।

बागवान पिछले कुछ समय से मण्डियों में किसानों व बागवानों की इस लूट व शोषण को समाप्त करने व ए पी एम सी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार से मांग कर रही हैं परन्तु सरकार इस पर कोई गौर नहीं कर रही हैं। बागवान स्वयं जाकर पुलिस में इस धोखाधड़ी के विरुद्ध FIR दर्ज कर रहें हैं। पहले 11 बागवानों ने ठियोग पुलिस स्टेशन में आढ़तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की थी जिससे बकाया भुगतान का कुछ पैसा बागवानो ने हासिल किया था। परन्तु अभी कोटखाई, ठियोग व छैला पुलिस स्टेशन में 56 बागवानों ने FIR दर्ज की है। उस पर जिस प्रकार से कार्रवाई की जानी चाहिए थी वह नहीं की जा रही हैं। आढ़ती आज बागवानों को खुली धमकियां दे रहें हैं जिससे इन बागवानों की समस्या और अधिक बढ़ रही है। इस परिस्थिति में प्रभावित बागवान आज इस स्थिति में बेहद परेशान हो गये है।

प्रदेश में ए पी एम सी कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि जो भी खरीददार होगा उसको बैंक गारंटी देनी है, खरीददार को जितनी खरीददारी करता है उसको उसका भुगतान करना है यदि नहीं करता है तो उसे माल नहीं खरीदने दिया जाएगा तथा बोली अंतिम होने पर बागवानो को तुरन्त भुगतान किया जाएगा। परन्तु ए पी एम सी, आढ़तियों व राजनेताओं के गठजोड़ के कारण ए पी एम सी कोई भी कार्यवाही नहीं करती है और मण्डियों में बागवानों का शोषण की खुली इजाजत दे रही हैं।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार बागवानों का शोषण रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए। दोषी आढ़तियों के विरुद्ध कार्यवाही करने व ए पी एम सी कानून को लागू करवाने के लिए किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर 22 अप्रैल, 2019 को ए पी एम सी कार्यालय ढली में धरना दिया जाएगा जिसमें कोटखाई से सैंकड़ों बागवान शमिल होंगे।
8 अप्रैल, 2019 को टिककर(रोहड़ू), 9 अप्रैल, 2019 को रोहड़ू में तथा 10 अप्रैल, 2019 को हाटकोटी(जुब्बल) में किसान संघर्ष समिति की बैठकें आयोजित की जाएगी।

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