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राजवंत संधू के निर्देश- घर घर से ठोस व तरल कूड़ा अलग अलग उठाएं शहरी निकाय

एप्पल न्यूज़, शिमला

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ठोस कचरा प्रबंधन नियम कार्यान्वयन संबंधी राज्य समिति की अध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव राजवंत संधू ने निर्देश दिए हैं कि कचरे के समुचित निपटारे के लिए आवास स्तर पर कचरा तरल व ठोस अलग-अलग एकत्र किया जाए। इससे कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुरक्षित होगा। राजवंत संधू शिमला जिला के शहरी स्थानीय निकायों तथा विभिन्न विकास खंडों द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 की अनुपालना के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। 

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राजवंत संधू ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश को सदैव हरा-भरा रखने के लिए ठोस एवं तरल कचरे का वैज्ञानिक निपटान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानीय शहरी निकायों एवं ग्राम पंचायतों को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि घर-घर से कचरा एकत्रित करते समय इसे जैविक एवं अजैविक अलग-अलग एकत्रित किया जाए। इससे जहां जैविक कचरे का त्वरित उपयोग सुनिश्चित होगा, वहीं अजैविक कचरे के व्यवस्थित निपटारे एवं भविष्य में इसे प्रयोग लाए जाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

राज्य समिति के अध्यक्ष ने कहा कि सभी क्षेत्रों में चुने हुए प्रतिनिधि एवं नागरिकों की वार्ड स्तरीय समितियां गठित की जानी चाहिए। यह समितियां घर-घर जाकर लोगों को जैविक एवं अजैविक कचरे को अलग कर देने के संबंध में जागरूक बनाएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में स्कूली बच्चों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि इस संबंध में उपायुक्त शिमला के सहयोग से व्यापक जागरूक अभियान चलाया जाए। उन्होंने इस दिशा में प्रचार सामग्री घर-घर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि ठोस व तरल कचरे का घर पर ही पृथकीकरण शत्-प्र्रतिशत सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर कचरा प्रबंधन की वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर इसे कम लागत में एवं स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित बनाना होगा। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित बनाया जाए कि ठोस एवं तरल कचरा विभिन्न खड्डों एवं नदियों तक न पहुंचे। उन्होंने जिला के सभी स्थानीय शहरी निकायों एवं विकास खंडों को निर्देश दिए कि कचरे के उचित निपटारे के लिए विज्ञान एवं तकनीकी प्रोद्योगिकी विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशांे का पूर्ण पालन करें।

 समिति की अध्यक्ष ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि विभिन्न अस्पतालों इत्यादि मंे बायोवेस्ट के शत्-प्रतिशत निपटारे के लिए योजनाबद्ध कार्य करें। उन्होंने सभी स्थानीय शहरी निकायों में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग द्वारा निर्धारित कम लागत की तकनीक अपनाने पर बल दिया। उन्होंने जिला के विभिन्न मंदिरों में पूजा के उपरांत एकत्र हो रहे फूल इत्यादि से धूप बनाने के लिए विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को इस कार्य के साथ जोड़ने पर बल दिया। राजवंत संधू ने इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय शहरी निकायों एवं नगर निगम के प्रतिनिधियों से कचरा प्रबंधन के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त की और सुझाव दिए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कचरा प्रबंधन को सही दिशा प्रदान करने एवं नियमों की अनुपालना के लिए उनकी समिति अब तक सोलन, ऊना, हमीरपुर तथा कांगड़ा जिला में बैठकें आयोजित कर व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर चुकी हैं।

 शहरी विकास विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने सभी स्थानीय शहरी निकायों को निर्देश दिए कि 15 अप्रैल, 2019 तक सभी क्षेत्रों में घर-घर से ठोस एवं तरल कचरा अलग-अलग उठाने का कार्य शुरू किया जाए। नगर निगम शिमला के आयुक्त पंकज राय ने नगर निगम शिमला की परिधि में कचरा प्रबंधन एवं एकत्रिकरण के विषय में प्रस्तुतिकरण दिया। अतिरिक्त उपायुक्त शिमला एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की परियोजना निदेशक देवाश्वेता बनिक ने शिमला जिला में कचरा प्रबंधन एवं नियमों के विषय में प्रस्तुतिकरण दिया। 

उपायुक्त शिमला राजेशवर गोयल ने समिति की अध्यक्ष एवं अन्य का स्वागत किया तथा विश्वास दिलाया कि शिमला जिला में विभिन्न नियमों एवं आदेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डाॅ. आरके प्रुथी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और इस दिशा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्रदान की।इस अवसर पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय शहरी निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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