Breaking News

आखिर देना ही पड़ा अनिल शर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा

एप्पल न्यूज़, शिमला

लंबी जद्दोजहद के बाद आज हिमाचल प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार दोपहर को अनिल शर्मा ने ऊर्जा मंत्री के पद से इस्तीफा सीएम जयराम ठाकुर को भेजा है। हालांकि उन्होंने भाजपा की सदस्यता अभी नहीं छोड़ी है। आलम यह है कि पिता पंडित सुखराम व बेटे आश्रय के कांग्रेस में शामिल होने के बाद चर्चा का दौर शुरू हो गया था कि क्या अनिल शर्मा मंत्री पद से इस्तीफा देंगे या नहीं? इसके बाद से अनिल शर्मा पर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने का दवाब था। बेटे आश्रय को कांग्रेस से टिकट मिलने के शुरुआती दौर पर अनिल शर्मा की ओर से यही बयान आता रहा कि बेटे के लिए प्रचार नहीं करेंगे और न ही मंडी में भाजपा के लिए प्रचार करेंगे। उधर भाजपा अनिल शर्मा पर चुनाव प्रचार के लिए दबाव बना रही थी। दो दिन पहले अनिल शर्मा के भाजपा को वोट की अपील के पोस्टर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अनिल शर्मा भड़क गए थे। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इस बीच भाजपा व कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चला। सीएम जयराम ने बीते कल वीरवार को ही एक जनसभा में तंज कसा था कि उनके एक मंत्री कई दिनों से गायब है और सुखराम परिवार को भी जम कर घेरा था।

आए दिन भाजपा और कांग्रेस में अनिल शर्मा को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा था। मगर आज शुक्रवार को अनिल शर्मा द्वारा इस्तीफा देने के बाद ऐसी चर्चाओं पर विराम लग गया है और अब यह जुबानी जंग थम गई है।

कांग्रेस सरकार में भी थे मंत्री, इस सरकार में 1 साल बाद इस्तीफा

अनिल शर्मा पिछली कांग्रेस सरकार में भी मंत्री थे। पांच साल कार्यकाल में मंत्री रहने के बाद विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था और जीतने के बाद भाजपा सरकार में भी मंत्रीमंडल में स्थान दिया गया और अब लोकसभा चुनाव आते आते परिस्थितियां ऐसी बनी कि 1 साल चार महीने के बाद ही पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

previous arrow
next arrow
Slider

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
smart-slider3