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मंडी से माकपा प्रत्याशी दलीप कायथ के प्रचार को सुभाषणी अली सम्भालेंगी मोर्चा

एप्पल न्यूज़, शिमला

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) हिमाचल प्रदेश में मंडी लोकसभा चुनाव के लिए अपना चुनाव प्रचार तेज कर रही हैं। पार्टी की स्टार प्रचारक व पोलित ब्यूरो की सदस्या कॉ सुभाषिनी अली 14 मई, 2019 से लेकर 17 मई, 2019 तक पार्टी प्रत्याशी कॉ दलीप सिंह कायथ के पक्ष में ननखड़ी, रामपुर, टापरी, आनी व अन्य स्थानों में सभाओं को संबोधित करेंगी। इनके साथ साथ ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कॉ राकेश सिंघा, राज्य सचिव कॉ ओंकार शाद व अन्य नेता भी चुनाव प्रचार में लगें हैं।


भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सचिवमण्डल सदस्य संजय चौहान ने कहा कि पार्टी प्रदेश में बीजेपी व कांग्रेस पार्टी की जनविरोधी नवउदारवादी नीतियों के विरुद्ध वैकल्पिक नीतियों को लेकर इस चुनाव में उतरी है। देश व प्रदेश में बीजेपी की सरकार के गठन के पश्चात देश के संविधान में दिये गए मौलिक भाव जिसमे धर्मनिरपेक्ष व लोकतंत्र गणतंत्र पर हमले बड़े है। सरकार साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण को बड़ी तेजी से बड़ा कर हमारे सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न कर रही है।
प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार के गठन के बाद सरकार में आरएसएस का दखल बड़े पैमाने पर बढ़ गया है और आज सरकार व अन्य संस्थाओं में आरएसएस के लोगो को बैठाया जा रहा है। देश की भांति ही प्रदेश में भी नवउदारवादी आर्थिक नीतियों को सरकार के द्वारा लागू किया जा रहा है। जिसके कारण कृषि का संकट बढ़ रहा है और नियमित रोजगार के अवसर समाप्त कर ठेका, अंशकालीन व आउटसोर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीजेपी सरकार भी प्रदेश में संसाधन जुटाने में पूरी तरह से विफल रही हैं तथा कर्ज लेकर ही सरकार चलाने का कार्य कर रही हैं।
वैकल्पिक नीतियां

  • देश मे संविधान में धर्मनिरपेक्ष सिद्धान्त व लोकतंत्र की रक्षा की जाए।
    *किसानों को कृषि संकट से उभारने के लिए सभी कृषि व बागवानी उत्पादों को लागत से डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकार लागू करवाना।
    *मजदूरों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन 18000 रुपये करवाने तथा मनरेगा व दैनिक भोगियो की दिहाड़ी को महंगाई सूचकांक से जोड़ना।
    *हिमाचल प्रदेश के विशेष दर्जे को पहले की भांति बहाल करके विशेष आर्थिक सहायता के लिए केंद्र सरकार से मांग मनवाना।
    *प्रदेश के गठन से पूर्व बनी परियोजनाओं में आधिकारिक 7.19 प्रतिशत के हिस्से को हासिल करने के लिए कार्य करना।
    *प्रदेश के वनों के रखरखाव के एवज में केंद्र सरकार से 1000 करोड़ रुपए वार्षिक मुआवजा हासिल करना।
    *1980 के बाद राज्य सरकार जो रायल्टी(Distress Cost) के रूप में मिल रहे बिजली उत्पादन के 12 प्रतिशत हिस्से को बढ़ाने तथा नदियों के पानी के एवज में केंद्र सरकार से विशेष ग्रांट हासिल करने के लिए कार्य करना।
  • भू अधिग्रहण अधिनियम,2013 के तहत दिये जाने वाले मुआवजे के लिए(factor-2लगा कर) 4 गुणा मुआवजा सुनिश्चित करना।
    *वनाधिकार एवं वन संरक्षण कानूनों में जनपक्षीय बदलाव एवं इसके बेहतर क्रियान्वयन विशेष तौर पर धारा-3 के तहत सामुदायिक दावों व वनप्रबन्धन में हिस्सेदारी के तुरंत प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्य करना।
  • किसानों के कब्जे वाली 5 बीघा तक की जमीन को मुफ्त में तथा इससे अधिक जमीन को मार्केट रेट पर पैसा लेकर नियमित करवाने हेतु नीति बनवाना। तथा बेघर लोगो को घर बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 3 बिस्वा तथा शहरी क्षेत्रों में 2 बिस्वा जमीन देने के प्रावधानों के लिए कार्य करना।*जंगली जानवरों व आवारा पशुओं से फ़सल सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना तथा बन्दरो के निर्यात पर लगी रोक को हटवाने तथा इसके ठोस प्रबन्ध के लिए कार्य करना।
    *प्रदेश के विकास के लिए जरूरी सड़क निर्माण की गति को बढ़ाने तथा रेलवे लाइनों के विस्तार के लिए प्रयास कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करना।
    *प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को दूसरे हिस्सों से जोड़ने के लिए प्रस्तावित सुरंगों(होली-बड़ा भंगाल, पांगी-तीसा, जोगिंदर नगर-कुल्लू एवं जलोड़ी जोत सुरंगों) के निर्माण को सुनिश्चित करवाना व नई सुरंगो की संभावनाएं तलाशना।
    *सार्वजनिक वितरण प्रणाली का सार्वभौमिककरण करवाना तथा 35 कि.ग्रा. राशन का वितरण सुनिश्चित करवाना।
    *कृषि व बागवानी उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाना।
    *पुरानी पेंशन योजना (OPS)को बहाल करवाने तथा OROP को लागू करने के लिए कार्य करना।
    *प्रदेश में बढ़ रहे दलित उत्पीड़न में भेदभाव को रोकने के लिए कानून को सख्ती से लागू करवाने तथा सभी निजी क्षेत्र व सरकारी विभागों में आरक्षण सुनिश्चित करवाना।
  • महिलाओं के लिए लोकसभा व विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण के विधयेक को पारित करने के कार्य करना।
    *बेरोजगारी भत्ते को न्यूनतम 3000 रुपये मासिक सुनिश्चित करवाने के लिए कार्य करना।
    *शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च बड़ा कर सकल घरेलू उत्पाद का 6 प्रतिशत करवाने के लिए कार्य।
    *स्वास्थ्य पर सकल घरेलू उत्पाद का कम से कम 3.5 प्रतिशत व इसे दीर्घावधि में बढ़ाकर 5 प्रतिशत करवाने के लिए कार्य करना।
    *कृषि बागवानी व वानिकी क्षेत्रों के उत्पादो पर आधारित उद्योगों को लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    *शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को बहाल करवाना तथा इनमें संप्रदायकता के एजेंडे पर रोक लगाने के साथ छात्रों के जनवादी अधिकारों को बहाल करवाने के लिए कार्य करना।
    पार्टी करीब एक माह से अधिक समय से मंडी लोकसभा क्षेत्र मे जनसंपर्क व नुक्कड़ सभाओ के माध्यम से इन वैकल्पिक नीतियो को लेकर गाँव गाँव में जाकर बीजेपी की मोदी सरकार को हराने तथा सी.पी.एम. के लिए वोट हासिल करने के लिए पुरजोर ताकत से कार्य कर रही है। प्रत्येक पार्टी कैडर व सदस्यों को जिन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की जिम्मेवारी दी गई है वह घर घर जाकर पार्टी के लिए वोट मांग रहे हैं। जिनमे मजदूर,किसान,युवा, छात्र सब मिलकर सी.पी.एम. के चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
    संजय चौहान
    सचिवमण्डल सदस्य
    भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी)
    हिमाचल प्रदेश
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