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तूफान ने तबाह की सेब नाशपाती की फसल, बागवानों ने मांगा सरकार से मुआवजा

एप्पल न्यूज़, निरमंड कुल्लू

हिमाचल किसान सभा निरमण्ड ब्लॉक सचिवालय की मीटिंग आज निरमण्ड कार्यलय में हुई। बैठक मे मुख्य रूप से दो दिन पहले निरमण्ड ब्लॉक् में आये तूफान से हुए नुकसान पर चर्चा की गई। निरमण्ड ब्लॉक के कई क्षेत्रों मे इस तूफान से सेब,पलम,नाशपती,खुमानी को काफी नुकसान पहुंचा है।इस बार किसानों को अच्छी फसल होने के साथ साथ अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी परंतु इस तूफान से सेब तथा अन्य फलों को लगभग 20 से 25 प्रतिशत नुकसान हुआ है।

कई पेड़ जड़ से ही टूट गए हैं तथा कई पौधों की टहनियां टूटी हैं।किसान सभा प्रदेश सरकार से मांग करती है कि इन क्षेत्रों मे हुए नुकसान के आंकलन करने के लिये राजस्व विभाग को निर्देश दिए जाएं तथा किसानों को हुए नुकसान का मुआबजा दिया जाए। बैठक मे किसान सभा जिला शिमला सचिव देवकी नंद,किसान सभा निरमण्ड ब्लॉक के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर,सचिव जगदीश, परस राम,दुर्गा सिंह,पुने राम, शामिल रहे।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी हाल ही में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज तूफान व भारी ओलावृष्टि से सेब, आड़ू, प्लम, नाशपाती, बादाम, खुमानी, आम व अन्य फसलों को भारी क्षति होने पर गहरी चिंता व्यक्त करती है तथा सरकार से मांग करती हैं कि इस क्षति का तुरंत आंकलन किया जाए तथा प्रभावित किसानों व बागवानों को उचित मुआवजा व राहत प्रदान की जाए।

इस तेज तूफान व भारी ओलावृष्टि से प्रदेश के विभिन्न जिलों जिसमे विशेष रूप से कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, ऊना के सैंज, बंजार, आनी, रामपुर, ठियोग,नेरवा, बाघी, रोहड़ू, बंगाणा आदि क्षेत्रों में आधे से अधिक फसल को नुकसान हुआ है। इसके चलते किसान व बागवान बेहद संकट में आ गए हैं क्योंकि अधिक लागत कीमत के कारण अब किसानों व बागवानों का जीवन यापन कठिन हो जाएगा। अधिकांश किसान व बागवान कृषि व बागवानी के लिए ऋण लेकर ही इस कार्य को कर रहे हैं। इस नुकसान के कारण अब प्रभावित किसानों व बागवानों को यह ऋण लौटने में भी भारी परेशानी होगी।
सी.पी.एम. मांग करती हैं कि सरकार इन प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुई इस भारी क्षति का तुरंत सर्वेक्षण करवा कर प्रभावित किसानों व बागवानों को उचित मुआवजा प्रदान करे तथा मौसम आधारित फसल बीमा योजना में इन प्रभावित किसानों व बागवानों को मुआवजा राशि तुरन्त प्रदान की जाए। सरकार द्वारा इनका ऋण को वापिस लेने की प्रक्रिया पर भी रोक लगाई जाए ताकि इन प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की जा सके। यदि सरकार समय रहते इन मांगों को पूरा नहीं करती तो पार्टी किसानों व बागवानों को संगठित कर आंदोलन करेगी।

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