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साईकिल पर सवार हो पहुंचे चूड़धार, शिरगुल महाराज के दर्शन कर लौटे 3 युवक

एप्पल न्यूज़, चूड़धार

प्रदेश का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल व जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार पर शिरगुल महाराज के दर्शन के लिए लोग हर वर्ष खड़ी चढ़ाई चढ़ते हैं, मगर तीन युवकों ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे सुनकर लोग दांतों तले अंगुली दबाने के मजबूर हो रहे हैं।

चूड़धार के कठिन रास्ते पर जहां लोग पैदल जाने से पहले कई बार सोचते हैं, वहीं शिमला के तीन युवाओं ने साइकिल पर यात्रा कर सबको हैरत में डाल दिया है। पहाड़ी पगडंडियों पर साइकिल चलाने के जुनून ने इन युवाओं को चूड़धार तक पहुंचा दिया। इन तीनों युवकों ने चंद घंटों में शिमला से चूड़धार तक का सफर साइकिल पर तय किया। हस्तपा की हीरो एक्शन टीम के ये साइकिलिस्ट सोमवार को शिमला से निकले थे व बुधवार शाम को सकुशल चूड़धार से वापस शिमला पहुंच गए हैं। शिमला से मढ़ाह तक पहुंचने में उन्हें सात घंटों का समय लग गया। वहीं, मढ़ाह से चूड़धार के लिए चढ़ाई शुरू होती है।

इस दौरान उनके रास्ते में कई दिक्कतें आईं। खड़ी चढ़ाई फिर उतराई, ऊबड़-खाबड़ रास्ते व बीच में अत्यधिक कीचड़ में कई बार मुश्किल आई, जिस कारण उन्हें साइकिल उठाकर भी चलना पड़ा, लेकिन वे बिना रुके आगे बढ़ते गए। यह जोखिम भरा कारनामा शिमला के 33 वर्षीय आशीष सूद, बालूगंज शिमला के 19 वर्षीय अक्षित गौड़ तथा शोघी के 18 वर्षीय आशीष शेरपा ने कर दिखाया है। ये तीन साइकिलिस्ट पिछले साल साइकिल पर शाली टिब्बा की यात्रा पर भी गए थे।

वहीं, आशीष सूद ने बताया कि इससे पहले 2015 में शिमला से चार साइकलिस्ट चूड़धार के लिए निकले थे, मगर इनमें से दो ही चूड़धार पहुंच पाए थे। उन्होंने कहा कि तीनों साइकलिंग का शौक के साथ अपनी पढ़ाई भी कर रहे हैं।

आशीष सूद टीम के मैनेजर हैं, जबकि आशीष शेरपा और अक्षित गौड़ सदस्य हैं। अक्षित गौड़ को साइकलिंग में दो बार राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल मिला है, जबकि आशीष शेरपा को ब्रांज मेडल मिल चुका है। आशीष सूद का कहना है कि सरकार को प्रदेश में साइकलिंग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे जहां टूरिस्ट को बढ़ावा मिलेगा।

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