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प्रदेश में 1200 लोग किडनी रोग से ग्रसित, 500 को किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया किडनी ट्रांसप्लांट पर वक्तव्य

एप्पल न्यूज़, शिमला
राज्य और पूरे देश में बहुत से लोग किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं। किडनी की बीमारी का मुख्यतः कारण उच्च रक्तचाप और मधुमेह की बीमारियां हैं। किडनी की बीमारी के अन्तिम चरण में केवल गुर्दा प्रत्यारोपण ही एक चिकित्सा विकल्प बचता है। प्रदेश भर में लगभग 1200 रोगी जीर्ण किडनी रोग से ग्रसित हैं, जिसमें से लगभग 500 रोगियों को किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता है।राज्य के रोगियों के लिए किडनी प्रत्यारोपण का निकटतम केन्द्र पीजीआई चंडीगढ़ है, जिसमें प्रतीक्षा अवधि महीनों की है, जिसकी वजह से मरीजों को परेशानी भुगतनी पड़ती थी। विधानसभा सदन में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने गुर्दा  प्रत्यारोपण पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा किहिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में आई.जी.एम.सी. शिमला में गुर्दा प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया तथा  मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश द्वारा उक्त वर्ष के बजट भाषण में इसकी घोषणा की गई।डॉ. बी.के. बन्सल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के सर्जिकल युनिट-प्ट के प्रोफेसर और प्रमुख को आई.जी.एम.सी. शिमला में गुर्दा प्रत्योरोपण करने के लिए मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया गया। उन्होंने इस कार्य हेतु बुनियादी ढांचे के निरीक्षण के लिए 10 जुलाई, 2018 को संस्थान का दौरा किया तथा सरकार द्वारा गुर्दा प्रत्योरोपण हेतु एक विस्तृत रोडमैप निर्धारित किया गया। रोडमैप के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के मानव संसाधनों को एम्स नई दिल्ली और पीजीआई चण्डीगढ़ में प्रशिक्षित किया गया।डायलिसिस यूनिट के साथ तीन बिस्तरों वाला गुर्दा प्रत्यारोपण आईसीयू बनाया गया।गुर्दा प्रत्यारोपण हेतु सभी निर्धारित औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद 12 अगस्त, 2019 को दो मरीजों का गुर्दा प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन किया गया। इन ऑपरेशनों के लिए सीटीवीएस विभाग के आधुनिक ऑपरेशन थियेटर का उपयोग किया गया। प्रथम गुर्दा प्रत्यारोपण, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली के सात सदस्यीय दल की देखरेख में किया गया जिनका ब्यौरा निम्नलिखित हैः-1.    डॉ बीके बन्सल, प्रौफेसर व प्रमुख, सर्जिकल यूनिट-प्ट2.    डॉ संजय के अग्रवाल, प्रौफेसर व प्रमुख, विभाग नैफौलोजी।3.    डॉ राजेशवरी सुब्रामन्यम, प्रौफेसर व प्रमुख, विभाग एनेस्थिसिया।4.    डॉ असुरी कृष्णा, सह-आचार्य, सर्जिकल यूनिट- प्ट5.    डॉ आदित्या बक्सी, एमसीएच, रेजिडेन्ट, सर्जिकल विभाग।6.     रेन्जू के कृष्णन, नर्सिंग अधिकारी।7.     अशोक सिंह, नर्सिंग अधिकारी।12 अगस्त, 2019 को एम्स की टीम ने जिसका नेतृत्व डॉ बीके बन्सल कर रहे थे, आईजीएमसी के प्रशिक्षित चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ के सहयोग से दो मरीजों का सफल गुर्दा प्रत्यारोपण किया। पहले जिला मण्डी के  नरेश जिनकी डोनर उनकी माता  रीता देवी थी का सफल ऑपरेशन किया गया उसके बाद रोहडू की  सुंनीता जिनके डोनर उनके पिता  सूरत राम थें का सफल गुर्दा प्रत्यारोणन किया गया। नरेश की माता जो कि गुर्दा डोनर थी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जबकि  सुनीता के डोनर पिता संस्थान के मैडिकल स्पेशल वार्ड में दाखिल हैं।दोंनों गुर्दा प्राप्तकर्ता गुर्दा प्रत्यारोपण आईसीयू में दाखिल किए गए है तथा ऑपरेशन के उपरान्त स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।

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