Breaking News

संगठन विरोधी हरकतों पर एचजीटीयू ने वीरेन्द्र चौहान को चेताया, मांगा तीन सालों के आय व्यय का हिसाब

एप्पल न्यूज़, मंडी

अध्यापक संगठन एचजीटीयू के राज्य स्तरीय चुनाव हमीरपुर के मटाहनी स्थित वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किये जायेंगे। इसमें राज्यभर के सभी जिलों से नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष, महासचिव और वित्त सचिवों के अतिरिक्त राज्य डेलीगेट्स संगठन के नए अध्यक्ष का चुनाव करेंगे।
यह जानकारी देते हुये प्रदेश संगठन के महासचिव नरेश महाजन, हमीरपुर जिला प्रधान संजीव ठाकुर, बिलासपुर के जिलाध्यक्ष यशवीर रानौत, कांगड़ा के जिला अध्यक्ष नरेश धीमान , चम्बा के प्रधान संजय ठाकुर, सोलन के अध्यक्ष नरोत्तम वर्मा और मंडी के अध्यक्ष अश्विनी गुलेरिया ने बताया कि इन छह जिलों में शिक्षकों की अस्सी प्रतिशत संख्या मौजूद है। उनकी सुविधा के लिये शिमला से चुनावों का स्थान बदल कर हमीरपुर तय किया गया है।
पूर्व प्रदेश महासचिव अजय शर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी बनाया गया है। सिरमौर से हरदेव सिंह और छम्बयर के प्रिंसिपल सत्य प्रकाश शर्मा को सहायक चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि संगठन के पूर्व में अध्यक्ष रहे प्यारु राम सँख्यान को चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किये गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि सरकार और शिक्षा विभाग, इन चुनावों को निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न करवाने हेतु पहली बार हमीरपुर को अपने पर्यवेक्षक भेज रहा है।
एचजीटीयू शिक्षक संगठन के नेताओं ने निवर्तमान प्रधान वीरेंद्र चौहान द्वारा सोशल मीडिया में की जा रही संगठन विरोधी बयानबाजी पर कड़ा संज्ञान लेते हुये उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि 9 नवम्बर को हमीरपुर में आयोजित होने वाले चुनावों में अगर उन्होंने पिछले तीन सालों के आय-व्यय का लेखा जोखा प्रस्तुत नहीं किया और चुनावों से भागने की कोशिश की तो उनके ख़िलाफ़ शिक्षकों के पैसों को हड़पने और भ्र्ष्ट आचरण की गम्भीर शिकायतों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज़ करवा दिया जायेगा।
शिक्षक संगठन के नवनिर्वाचित अध्यक्षों और प्रदेश महासचिव ने रहस्योद्घाटन किया कि चौहान के कार्यकलापों की वजह से ही सरकार और विभाग ने अपने दरवाज़े वीरेंद्र चौहान के लिये बन्द कर दिये हैं। उनकी करतूतों ने शिक्षकों का भारी नुकसान किया है। कभी अनुबंध व अन्य शिक्षकों को धमकाना हो या निदेशालय में महिला कर्मचारियों के साथ बदतमीजी हो ऐसी तमाम घटनाओं से संगठन की छवि आम शिक्षकों में धूमिल हुई है।

हैरानगी इस बात की है कि विरेन्द्र चौहान खुद 2016-19 के कार्यकाल का अध्यक्ष है जबकि वह 2019-22 की नव निर्वाचित कार्यकारिणी में चुने गए जिला प्रधानों व ब्लाक प्रधानों को निष्कासित कर रहा है वह भी तब जब संगठन के राज्य चुनावों में कोड आफ कंडक्ट लागू है और इस दौरान विरेन्द्र चौहान ऐसा कुछ भी करने के लिए संवैधानिक तौर पर अधिकृत नहीं।
इन नेताओं ने कहा की मुख्य चुनाव अधिकारी अरुण गुलेरिया की भूमिका भी इस प्रक्रिया में संदेहास्पद रही है। जब यह पहले से तय था की इस बार राज्य के चुनावों का स्थान नव निर्वाचित जिला व ब्लाक प्रधान ही तय करेंगे तो प्रदेश के सभी बड़े जिलों के नवनिर्वाचित प्रधानों व अन्य पदाधिकारियों ने यह निर्णय लिया की इस बार चुनाव हमीरपुर में होंगे तो मुख्य चुनाव अधिकारी ने वीरेन्द्र चौहान को अनैतिक लाभ दिलाने की मंशा से जगह शिमला निर्धारित कर दी। उन्होंने प्रदेश भर के शिक्षकों का आह्वान किया कि सोशल मीडिया में वीरेंद्र द्वारा फैलाया जा रहा प्रोपेगेंडा हास्यस्पद है।


शिक्षक संगठन नेताओं ने निवर्तमान अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान पर भ्रष्ट आचरण के गम्भीर आरोप लगाते हुये कहा कि अपने निजी मित्र के घर शोक व्यक्त करने सांत्वना प्रकट करने जाने के एवज में भी उसने हज़ारों का पैसा डकार लिया। उन्होंने बताया कि 9 नबम्बर को जनरल हाउस जो भी निर्णय करेगा उसे अमलीजामा पहना दिया जायेगा।
संगठन के प्रदेश महासचिव नरेश महाजन ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने उनके नेतृत्व में दस नवम्बर को हमीरपुर में एचजीटीयू के नवनिर्वाचित शिष्टमंडल को मिलने का समय प्रदान कर दिया है। नवनिर्वाचित संगठन प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से तालमेल बिठाकर शिक्षकों की ज्वलंत मांगों को हल करवाने का प्रयास करेगा।
उन्होंने बताया कि हमीरपुर में होने वाले राज्यस्तरीय चुनावों को लेकर शिक्षकों में भारी उत्साह है तथा प्रदेश के हर जिले से भारी संख्या में शिक्षक डेलीगेट्स इसमें भाग लेने हमीरपुर पँहुच रहे हैं।

previous arrow
next arrow
Slider

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
smart-slider3