एप्पल न्यूज़, नादौन/ हमीरपुर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल के हितों की लड़ाई कांग्रेस सरकार ने मजबूती से लड़ी है। इसलिए समझौते का श्रेय भी प्रदेश की जनता और कांग्रेस सरकार को जाता है। वह शुक्रवार को हमीरपुर जिले के नादौन विधानसभा क्षेत्र के रैल में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेताओं अनुराग सिंह ठाकुर और जयराम ठाकुर को उत्तराखंड से पूछना चाहिए कि उनकी पीड़ा क्या है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को किशाऊ परियोजना से बिना अतिरिक्त निवेश के करीब 1,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा, जबकि उत्तराखंड को समान आय अर्जित करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि करीब पांच वर्ष पहले 800 करोड़ रुपये आंकी गई परियोजना की लागत अब 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है और उत्तराखंड में अधिक भूमि भी प्रभावित हो रही है।
सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद किशाऊ परियोजना को लेकर तीन महत्वपूर्ण बैठकें हुईं और सरकार ने हिमाचल के हित सुरक्षित करने तथा प्रदेश को उसका पूरा अधिकार दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीबीएमबी का एरियर भी जल्द हिमाचल को प्राप्त होगा।

वाइल्ड फ्लावर हॉल से 401 करोड़ की आय का दावा
भाजपा पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल का 23 वर्ष पुराना मामला राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जीता है। इससे प्रदेश के खजाने में 401 करोड़ रुपये आए हैं और करीब दो करोड़ रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय हो रही है।
उन्होंने जेएसडब्ल्यू से छह प्रतिशत अतिरिक्त रॉयल्टी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार ने यह मामला जीता है, जिससे हिमाचल को प्रतिवर्ष करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब ठेकों की नीलामी से भी राजस्व बढ़ा है। उनके अनुसार पिछली सरकार के समय करीब 150 करोड़ रुपये राजस्व मिलता था, जबकि नीलामी के माध्यम से वर्तमान सरकार ने करीब 450 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार का दावा
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में पुरानी एमआरआई मशीनों और डायग्नोस्टिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। उनके अनुसार पिछली सरकार के समय चिकित्सा महाविद्यालयों में करीब 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर करीब 60 प्रतिशत किया है।
उन्होंने हिमकेयर योजना में पिछली भाजपा सरकार के दौरान अनियमितताओं का आरोप भी लगाया और कहा कि ऐसे बिल सामने आए जिनमें पुरुषों के बच्चादानी के ऑपरेशन तक दर्शाए गए थे।

शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल 21वें स्थान पर था, जबकि कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल के बाद प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल किया है और सीबीएसई स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
केंद्र से सहायता नहीं मिलने का आरोप
मुख्यमंत्री ने भाजपा सांसदों और विधायकों पर हिमाचल के हितों की केंद्र के समक्ष प्रभावी पैरवी नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान भाजपा का कोई सांसद या विधायक हिमाचल के अधिकारों की मांग लेकर केंद्र के पास नहीं गया। उनके अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा के बावजूद अभी तक प्रदेश को एक भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने आरडीजी के तहत मिलने वाली 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये की वार्षिक सहायता बंद किए जाने का भी आरोप लगाया। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पुरानी पेंशन योजना पर कायम है और आने वाले समय में अन्य कर्मचारियों को भी ओपीएस का लाभ दिया जाएगा।
नादौन में इसी वर्ष शुरू होगा एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर जिले में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नादौन के करनडोला में देश का पहला एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज इसी वर्ष शुरू करने की घोषणा की। इसके अलावा पॉलिटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में न्यू एज कोर्स शुरू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने नादौन की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां के लोगों ने उन्हें हमेशा समर्थन और स्नेह दिया है।
विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने रैल में दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने 2.10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैल के भवन तथा 9.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नादौन के अतिरिक्त भवन खंड का शिलान्यास भी किया।
इससे पहले उन्होंने रैल में जन स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया और पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पृथ्वी चंद, उपायुक्त गंधर्वा राठौर सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।




