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राज्यपाल ने जम्मू के वेंकटेश्वर मंदिर में की पूजा-अर्चना, जम्मू-कश्मीर व हिमाचल आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट की संभावनाओं पर दिया बल

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर जम्मू स्थित प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस मंदिर को तिरुपति बालाजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर की विशेष अभिषेक पूजा में भी भाग लिया और देश में शांति, समृद्धि तथा राष्ट्र कल्याण के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा जैसे पर्व भारत की शाश्वत आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के प्रतीक हैं। ये पर्व समाज को जोड़ने वाले स्नेह, भाईचारे, सद्भाव और आपसी सम्मान के मूल्यों को और मजबूत करते हैं।
राज्यपाल ने जम्मू क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश के बीच एक समेकित आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की अपार संभावनाओं पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों में मंदिरों, धार्मिक स्थलों और तीर्थस्थलों की समृद्ध विरासत मौजूद है। इन पवित्र स्थलों के बीच बेहतर संपर्क सुविधा और समन्वित प्रचार-प्रसार से श्रद्धालुओं को अधिक समृद्ध तीर्थयात्रा अनुभव प्रदान किया जा सकता है।

साथ ही, जम्मू और हिमाचल प्रदेश की साझा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा।
राज्यपाल ने रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि ये पावन अवसर प्रत्येक परिवार में शांति, सुख, समृद्धि और सद्भाव लेकर आएं तथा एकता और भाईचारे के बंधन को और मजबूत करें।

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