एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 100 सरकारी स्कूलों को डिनोटिफाई कर दिया है। इनमें 77 राजकीय प्राथमिक और 23 राजकीय माध्यमिक (मिडल) विद्यालय शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित उपनिदेशकों (प्रारंभिक शिक्षा) को सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार आगामी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को संबंधित स्कूलों से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और अनुपालन रिपोर्ट जल्द निदेशालय को भेजने को कहा गया है।

शून्य छात्र संख्या के कारण लिया फैसला
विभाग के अनुसार इन विद्यालयों में वर्तमान में एक भी विद्यार्थी नामांकित नहीं था। ऐसे में स्कूलों के संचालन पर होने वाले संसाधनों के उपयोग को देखते हुए इन्हें डिनोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है।
डिनोटिफाई किए गए स्कूलों से संबंधित अभिलेखीय, प्रशासनिक और अन्य विभागीय कार्य भी नियमानुसार पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से पहले जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
पहले भी बंद किए जा चुके हैं स्कूल
हिमाचल प्रदेश में कम या शून्य विद्यार्थी संख्या वाले सरकारी स्कूलों को बंद, मर्ज या उनका दर्जा घटाने की प्रक्रिया पहले भी जारी रही है। मार्च 2026 में भी शून्य दाखिले वाले 39 स्कूलों—36 प्राइमरी और 3 मिडल—को डिनोटिफाई किया गया था।
शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या को देखते हुए स्कूलों के युक्तिकरण और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
अब 100 और स्कूलों के डिनोटिफिकेशन के बाद शिक्षा विभाग में शिक्षकों, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य संसाधनों के पुनर्समायोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।







