एप्पल न्यूज़, रिकांग पिओ /किन्नौर
जिला किन्नौर में चिट्टे के मामलों में युवाओं की कथित संलिप्तता सामने आने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि आखिर किन्नौर जैसे दूरदराज और जनजातीय क्षेत्र तक चिट्टे की सप्लाई कैसे पहुंच रही है और इस अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय बड़े तस्करों तथा उनके नेटवर्क के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है।
सूरत नेगी ने कहा कि किन्नौर शांतिप्रिय, सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध परंपराओं वाला जनजातीय जिला है। ऐसे क्षेत्र में नशीले पदार्थों से जुड़े मामले सामने आना गंभीर चिंता का विषय है। यह केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौती भी है। युवाओं की कथित संलिप्तता से अभिभावकों और आम जनता की चिंताएं बढ़ना स्वाभाविक है।
उन्होंने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार से सवाल किया कि चिट्टे की सप्लाई करने वाले मुख्य तस्करों तक जांच क्यों नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के साथ पकड़े जाने वाले युवाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उन लोगों की पहचान करना भी जरूरी है, जो इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे हैं। पुलिस को सप्लाई नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और इस कारोबार में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

सूरत नेगी ने कहा कि चिट्टे जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। किसी भी आरोपी की राजनीतिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि युवाओं को इस दलदल में फंसने से बचाया जा सके।
उन्होंने प्रदेश सरकार, पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की कि किन्नौर में पिछले तीन वर्षों के दौरान चिट्टे से संबंधित दर्ज मामलों, गिरफ्तार व्यक्तियों, बरामद नशीले पदार्थों, सप्लाई नेटवर्क की जांच तथा अदालतों में लंबित मामलों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया जाए। इससे नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी और जनता को भी प्रशासनिक प्रयासों की जानकारी मिल सकेगी।
सूरत नेगी ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सामाजिक स्तर पर भी व्यापक प्रयास करने होंगे। उन्होंने किन्नौर के स्कूलों, महाविद्यालयों, पंचायतों और गांवों में विशेष जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही नशे की चपेट में आए युवाओं के उपचार, परामर्श और पुनर्वास के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि किन्नौर का युवा वर्ग जिले की सबसे बड़ी ताकत है और उसके भविष्य की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास भी जरूरी हैं।
सूरत नेगी ने प्रदेश सरकार से किन्नौर के लिए विशेष नशामुक्ति कार्ययोजना तैयार करने, पुलिस की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने तथा नशे की सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क के खिलाफ समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्रवाई करने की मांग की।
अंत में उन्होंने किन्नौर के अभिभावकों, युवाओं, महिला मंडलों, युवक मंडलों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से नशे के विरुद्ध एकजुट होकर जनजागरण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि चिट्टामुक्त किन्नौर केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प होना चाहिए।




