जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में MP सुरेश कश्यप ने की जिला शिमला से सम्बंधित विकास कार्यों की समीक्षा

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एप्पल न्यूज़, शिमला

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सांसद सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में आज यहां बचत भवन में आयोजित की गई।
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि पिछले कई सालों से चल रहे कार्यों को तुरंत पूर्ण करने की दिशा में सभी विभाग कार्य करें। इसके साथ बेवजह विकासात्मक कार्यों को न लटकाएं। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछली बैठक में जो दिशा निर्देश दिए गए थे विभागों ने उन निर्देशों का सख्ती से पालन किया है और विकास कार्यों में तीव्रता दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा और प्लानिंग के तहत होने वाले कार्यों का भविष्य में प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और लाभार्थियों को तय सीमा में लाभ मिले, इस प्राथमिकता को सभी विभाग ध्यान में रखे।
उन्होंने कहा कि इस समिति के माध्यम से केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, समन्वय और निगरानी की कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, एमपी लैड्, पंचायती राज में 15वें वित्त आयोग के तहत चल रहे कार्यों के बारे में भी विस्तृत समीक्षा की गई।

लोक निर्माण विभाग शिमला सर्किल में 31 मार्च तक 2904.57 किलोमीटर सड़कें हैं। इसमें 700 किलोमीटर कच्ची सड़कें हैं। पीएमजीएसवाई के तहत 176 प्रॉजेक्ट को मंजूरी मिली है। इसमें से 123 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके है जबकि 51 प्रोजेक्ट में कार्य चला हुआ और 02 प्रोजेक्ट शुरू होने हैं। रोहड़ू सर्किल में कुल 2684 किलोमीटर सड़के है।

इसमें से 1157 किलोमीटर सड़कें कच्ची है। इसमें कुल 24 प्रोजेक्ट मंजूर है। इनमें से 7 प्रोजेक्ट का कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि 17 प्रोजेक्ट में कार्य चल रहा है। इसी प्रकार, रामपुर सर्किल में 1360 किलोमीटर सड़कें है। इसमें से 324 किलोमीटर सड़कें कच्ची है। कुल 173 प्रोजेक्ट इस सर्किल में मंजूर थे। इनमें से 138 प्रोजेक्ट का कार्य पूरा हो चुका है। 13 में कार्य चला है और 22 प्रोजेक्ट में कार्य अभी आरम्भ नहीं हुआ है।

विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा
पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (Revamped Distribution Sector Scheme – RDSS) भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जुलाई 2021 में शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य देश की विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार करना तथा वितरण क्षेत्र में तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करना है।
योजना के अंतर्गत बिजली वितरण अवसंरचना को आधुनिक बनाया जा रहा है। इसमें पुराने विद्युत नेटवर्क के उन्नयन, नए सब-स्टेशनों की स्थापना, फीडर पृथक्करण, हाई वोल्टेज वितरण प्रणाली तथा स्मार्ट मीटर लगाने जैसे कार्य शामिल हैं। स्मार्ट मीटरिंग से उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सटीक जानकारी मिलेगी और बिलिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
शिमला जिला के लिए (loss reduction) उक्त योजना के तहत 459.11 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए है। एडवांस मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत 988 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए है। इसमें से 888.55 करोड़ के कार्य आवंटित हो चुके है।

लॉस रिडक्शन कार्य शिमला सर्किल में 15 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है जबकि स्मार्ट मीटर का कार्य शिमला सर्किल में 87.39 फीसदी कार्य पूरा है। रोहड़ू सर्किल में लॉस रिडक्शन के लिए 110.56 करोड़ रुपए स्वीकृत है। सांसद सुरेश कश्यप ने सभी सर्किल में चल रहे कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 115 लाख रुपए का बजट प्राप्त हुआ। इसमें 4622 किसानों को लाभ मिला। नेशनल प्रोजेक्ट ऑन सॉइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी हेल्थ कार्ड 7444 किसानों को जारी हुए है। नेशनल मिशन ऑन सस्टेनेबल एग्रीकल्चर में 60 किसान लाभार्थियों पर 16. 85 लाख रुपए खर्च किए गए। दालों में आत्मनिर्भर योजना के तहत 32.67 लाख रुपए से 1915 किसान लाभान्वित हुए है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 55.93 लाख रुपए से 219 किसानों को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत (खरीफ) 293 किसानों का बीमा किया गया था जिस पर 32412. 39 लाख रुपए का प्रीमियर दिया गया।

पशुपालन विभाग
वित्तीय वर्ष 2025-26 राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत 60078 पशुपालक लाभान्वित हुए है। जबकि 74369 कृत्रिम गर्भाधान किए गए है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 7553 कृत्रिम गर्भाधान किए गए है। इस वित्तीय वर्ष में 104 किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन पत्र बैंक को भेज दिए जिसमें से 94 को ऋण भी मंजूर हो चुका है।

विभिन्न विभागों के तहत केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय वर्ष 2025-26 तक नेशनल हेल्थ मिशन में स्वीकृत बजट का 98.85 फीसदी खर्च किया गया है। बीते वर्ष आयुष्मान भारत योजना के तहत 9407 लाभार्थियों पर 15.73 करोड़ खर्च किए जा चुके है जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 1799 लाभार्थियों पर 2.90 करोड़ खर्च किए जा चुके है।

बैठक में बताया गया कि जिला शिमला में संस्थागत प्रसव दर 99 प्रतिशत से अधिक है। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इस वर्ष मई माह तक 131 प्रतिशत लोगों की टीबी जांच की गई है जोकि देश में सबसे बेहतरीन में से एक है।
सांसद ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में चल रहे विभिन्न कार्यों का भी जायजा लिया और चल रहे कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
जिला शिमला में लघु कुटीर उद्योगों की संख्या 3322 है जिसमें 10727 लोगों को रोजगार मिला है जबकि मध्यम एवं बड़े उद्योगों की संख्या 12 है जिसमें 287 लोगों को रोजगार मिला है। प्रधानमंत्री एम्प्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम के तहत बीते वर्ष लक्ष्य 20 था जबकि 60 लाभार्थियों को 147.72 लाख रुपए की सब्सिडी दी गई। नाबार्ड के तहत जिला में 74 प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए है।

शिमला स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों की समीक्षा भी की गई। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत 18771 लाभार्थियों पर 29 करोड़ के करीब वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 के तहत 60850 राशन कार्ड है। इसमें 230821 लाभार्थी है।

इसके तहत 41791 क्विंटल चावल और 53459 क्विंटल आटा वितरित किया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिला में 3668 लाभार्थी है। सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत जिला की 2164 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 30715 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष मनरेगा के तहत 162428 कार्य शुरू हैं इसमें 151242 कार्य पूरे किए जा चुके है जोकि 93.11 फीसदी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2660 स्वयं सहायता समूहों को 5333 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से 392 स्वयं सहायता समूहों ने 262 लाख रुपए की सहायता प्राप्त कर ली है।

बैठक में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने सांसद का स्वागत किया और उन्हें बैठक की कार्यवाही से अवगत करवाया।

अतिरिक्त उपायुक्त शिमला सचिन शर्मा ने क्रमवार बैठक के मदों को प्रस्तुत किया और सांसद को आश्वासन दिया कि उनके निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

यह भी रहे मौजूद
विधायक चौपाल बलबीर वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे.

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