एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर
अधिष्ठाता देवता जाख मंदिर रचोली में आयोजित तीन दिवसीय सावन मेला रविवार को सभी देवताओं की विदाई के साथ शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। मेले में चार देवताओं के आगमन से क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती मिली। तीनों दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।
दशकों से आयोजित किए जा रहे इस पारंपरिक सावन मेले में देवता जाख के साथ यज्ञेश्वर देवता शिंगला, देवता गसो और देवता बसाहरू ने शिरकत की। देवताओं के आगमन पर देवलुओं और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि मेले का आयोजन पूरी श्रद्धा और स्थानीय परंपराओं के अनुरूप किया गया। तीनों दिनों तक लोक कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। ढोल-नगाड़ों की थाप और स्थानीय कलाकारों की सुरमयी आवाजों के बीच लोगों ने जमकर नाटी डाली।
मेले में पहुंचे देवलुओं, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए तीनों दिन भंडारे की भी व्यवस्था की गई। इससे मेले में आने वाले लोगों को सुविधा मिली और सामुदायिक सहभागिता की भावना मजबूत हुई।

अशोक शर्मा ने कहा कि यह मेला स्थानीय नियमों और परंपराओं के अनुसार सैकड़ों वर्षों से आयोजित होता आ रहा है। सावन मेले के माध्यम से क्षेत्र की प्राचीन देव संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकजुटता को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
रविवार को मेले के अंतिम दिन दोपहर बाद पारंपरिक विधि-विधान के साथ सभी आमंत्रित देवताओं को विदाई दी गई। इसके साथ ही तीन दिवसीय सावन मेले का शांतिपूर्ण समापन हुआ।






