रामपुर बुशहर: रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन के ठेका मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एसजेवीएन प्रबंधन और रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन, 412 मेगावाट (संबंधित सीटू) के बीच 11 अगस्त को महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक समझौता वार्ता हुई। वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने इसे मजदूरों की एकता और संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, महासचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष प्रमोद, उपाध्यक्ष नीलदत्त शर्मा और महासचिव तिलक राज ने कहा कि यूनियन लंबे समय से ठेका मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। यूनियन ने 23 मार्च 2026 को प्रबंधन को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। इसमें ग्रेच्युटी भुगतान, कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण, पदोन्नति नीति, वार्षिक इंक्रीमेंट, वर्दी भत्ता, बोनस, स्पेशल अलाउंस, यात्रा भत्ता, मेडिकल अलाउंस और धुलाई भत्ता सहित अन्य मांगें शामिल थीं।

मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर यूनियन ने 1 जून से लंच टाइम में रोष प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 23 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया गया। सहायक श्रम आयुक्त चंडीगढ़ के हस्तक्षेप के बाद 21 जुलाई को चंडीगढ़ में समझौता वार्ता हुई, लेकिन इसमें कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियन ने 6 अगस्त को हड़ताल करने का निर्णय लिया था।
प्रबंधन के अनुरोध पर 11 अगस्त को दोबारा वार्ता आयोजित की गई। इसमें संविदा कर्मचारियों के वर्दी भत्ते को 7,200 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये वार्षिक करने पर सहमति बनी। यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। वहीं धुलाई भत्ता 120 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
वार्ता में 21,000 रुपये प्रतिमाह से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को भी बोनस देने पर सहमति बनी है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इसके अलावा कार्य की प्रकृति के आधार पर कर्मचारियों की कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण को लेकर इसी सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
यूनियन के अनुसार, शेष मांगों पर भी प्रबंधन ने विचार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्रेच्युटी भुगतान और कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे अभी लंबित हैं।
यूनियन नेताओं ने कहा कि वार्ता में मिली प्रगति मजदूरों की एकता, लगातार संघर्ष और आंदोलन का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रबंधन लंबित मांगों पर भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा। यूनियन ने स्पष्ट किया कि ठेका मजदूरों के सम्मानजनक अधिकारों और जायज मांगों के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।






