एप्पल न्यूज़, चम्बा
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार सायंकाल चंबा ज़िला के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की मैहला ग्राम पंचायत के दूरदराज गांव मेहला में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। गांव में रात्रि ठहराव के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना तथा अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे स्थानीय निवासियों ने पारंपरिक पहाड़ी लोकधुनों के बीच मैहला ग्राम पंचायत पहुंचने पर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्रामीणों के लिए यह एक अवस्मरणीय लम्हा था, क्योंकि पहली बार प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री इस सुदूर क्षेत्र में रात्रि ठहराव के लिए पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याओं और चुनौतियों को करीब से समझने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा परोसे गए स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया।
ग्रामीणों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम के गांवों में प्रवास के दौरान यहां रात्रि ठहराव करने का उद्देश्य स्थानीय लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों को करीब से जानना है और उनकी समस्याओं और चिंताओं का निवारण सुनिश्चित करना है।

श्री सुक्खू ने कहा कि ‘सरकार गांव के द्वार’ प्रदेश सरकार का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसके तहत जन समस्याओं के समाधान को प्रदेश सरकार सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदान करती है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रमुखता से कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में रात्रि ठहराव कर जन भावनाओं और जनसमस्याओं को समझने की यह एक अभिनव पहल है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री सरकारी विश्राम गृहों की सीमाओं से बाहर निकलकर गांव के एक घर में रात्रि ठहराव कर सीधे लोगों से संवाद कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहला ग्राम पंचायत के 172 परिवारों को ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत चिन्हित किया गया है। अगले महीने प्रदेश में इस योजना का शुभारम्भ किया जाएगा। योजना के तहत 21 से 59 आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार में तीन पात्र महिलाएं हैं, तो तीनों महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैहला में आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। पिछले वर्ष चंबा ज़िला की पांगी घाटी में प्राकृतिक पद्धति से तैयार रूप से उगाई गए 107 क्विंटल जौ की खरीद 70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सुनिश्चित की गई थी और अब इसका खरीद मूल्य को बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। उन्होंने कहा कि गाय के दूध का खरीद मूल्य 31 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति किलोग्राम तथा भैंस के दूध का खरीद मूल्य 46 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अतिरिक्त, दूध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन राशि 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि गद्दी समुदाय के लिए भी एक नई योजना तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें मीट के बेहतर दाम मिल सकें।
श्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कार्य कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने के राजस्व में अतिरिक्त वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा था। इन घटनाओं के कारण मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसरों से वंचित होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध मामले दर्ज किए गए हैं तथा वह अभी भी जेल में हैं। अब भर्ती प्रक्रिया को कंप्यूटरीकरण के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है, ताकि विभागों का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य विभागों में विभिन्न श्रेणियों के अतिरिक्त पदों को भी शीघ्र भरा जाएगा।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, कृषि उपज मंडी समिति चंबा के अध्यक्ष ललित ठाकुर तथा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।
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