रामपुर की डन्सा बीट में भालू का आतंक, 3 दिन में 2 दो हमले, अब धार गांव में महिला पर किया हमला, लगाए जा रहे कैमरा ट्रैप और एनिडर उपकरण

दो अलग-अलग घटनाओं में बुजुर्ग महिला समेत दो लोग घायल, जंगलों में अकेले न जाने की सलाह, वन विभाग ने बनाई 20 सदस्यीय विशेष टीम
एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर।

रामपुर वन परिक्षेत्र में भालू के हमलों की दो घटनाओं ने क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। महज चार दिनों के भीतर भालू ने दो अलग-अलग स्थानों पर हमला कर एक बुजुर्ग महिला समेत दो लोगों को घायल कर दिया। लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने भालू की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित हमलों को रोकने के लिए 18 से 20 सदस्यों की विशेष टीम गठित की है।
वन मंडल रामपुर की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार पहली घटना 3 नवंबर को सामने आई। बेसली गांव के निवासी हरी दास सुबह करीब 11 बजे कंपार्टमेंट डी-115 के जंगल में अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान काले भालू ने उन पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर (एमजीएमसी) खनेरी पहुंचाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। वन विभाग और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की व्यवस्था करने के साथ तत्काल राहत भी प्रदान की।


इसके बाद 5 नवंबर को बेसली क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा स्थापित किया गया।
खेत में काम कर रही 58 वर्षीय महिला पर हमला
भालू के हमले की दूसरी घटना 6 नवंबर को सुबह करीब 8 बजे नोगीधार गांव में पेश आई। यहां 58 वर्षीय शीतला देवी अपने खेत में कोलत (अनाज) निकाल रही थीं। इसी दौरान भालू ने उन पर हमला कर दिया। घटनास्थल पहली घटना वाले स्थान से करीब ढाई किलोमीटर दूर बताया गया है। घायल महिला को प्राथमिक उपचार के लिए एमजीएमसी खनेरी पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
18 से 20 सदस्यों की विशेष टीम गठित
लगातार हो रहे हमलों को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने सर्कल स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) सहित 18 से 20 सदस्यों की विशेष टीम गठित की है। यह टीम भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी। इसके अलावा जगूनी क्षेत्र में एक और पिंजरा स्थापित किया जा रहा है, ताकि भालू को पकड़ने के प्रयास तेज किए जा सकें।
विभाग की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में एनिडर (Anider) उपकरण लगाए गए हैं। रात के समय पटाखे जलाकर भालुओं को आबादी से दूर रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। भालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर गश्त बढ़ा दी गई है।
वन विभाग की ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने आगामी दो सप्ताह तक अथवा भालू की सक्रियता कम होने तक लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या खेतों में न जाएं और समूह में शोर करते हुए आवाजाही करें। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजें। घरों के आसपास झाड़ियों की सफाई रखें तथा अनाज और खाद्य सामग्री खुले में न छोड़ें।
विभाग ने पारंपरिक तरीके से गोबर के उपलों में लाल मिर्च जलाने की सलाह भी दी है, ताकि भालू आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रहें। यदि कहीं भालू दिखाई देता है तो उसे छेड़ने या उसका पीछा करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

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