एप्पल न्यूज, शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक होगी। यह बैठक सचिवालय में 12 बजे होनी है।
कैबिनेट बैठक: संभावित महत्वपूर्ण फैसले
(i) कर्मचारियों की रिटायरमेंट एज और कम्युटेशन
- पिछले कुछ समय से सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु और कम्युटेशन (पेंशन का एकमुश्त भुगतान) से जुड़े विषयों पर विचार किया जा रहा है।
- इस पर कैबिनेट सब-कमेटी ने रिपोर्ट और सिफारिशें पहले ही सौंप दी थीं, लेकिन बीते कैबिनेट सत्रों में समयाभाव के कारण इन पर चर्चा नहीं हो सकी थी।

- सोमवार की बैठक में उम्मीद है कि इन सिफारिशों को कैबिनेट के सामने रखा जाएगा और इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- यदि यह फैसला आता है, तो इससे हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ और भविष्य की योजना में स्पष्टता मिलेगी।
(ii) करूणामूलक आश्रितों की नौकरी
- यह योजना उन परिवारों के लिए है जिनके सदस्य सरकारी सेवा में रहते हुए असमय मृत्यु को प्राप्त होते हैं या विकलांग हो जाते हैं। ऐसे में उनके परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाती है ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके।
- वर्तमान में इस योजना के लिए आय सीमा 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष है।
- अब कैबिनेट सब-कमेटी ने इस सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की सिफारिश की है, जिससे और अधिक जरूरतमंद परिवार इस योजना के दायरे में आ सकेंगे।
- इस पर कैबिनेट की मुहर लगना बाकी है, और सोमवार की बैठक में यह प्रस्ताव पास हो सकता है।
(iii) लंबित मामलों का निपटारा
- सरकार ने यह भी कहा है कि एक वर्ष में सभी करूणामूलक नियुक्तियों के लंबित मामलों को निपटाया जाएगा।
- यह एक समयबद्ध लक्ष्य है और प्रशासनिक स्तर पर तेजी लाने का संकेत देता है।
2. मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा (21 मई)
(i) केंद्र सरकार से सहायता की उम्मीद
- हिमाचल प्रदेश आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों वाला राज्य है, जिसे केंद्र सरकार से वित्तीय और परियोजना आधारित सहायता की आवश्यकता रहती है।
- इसी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 21 मई को दिल्ली रवाना होंगे।
(ii) प्रस्तावित मुलाकातें
मुख्यमंत्री जिन केंद्रीय नेताओं से मिलने जा रहे हैं:
- इन बैठकों का मकसद हिमाचल के लिए अधिक केंद्रीय परियोजनाएं, अनुदान और आर्थिक सहायता हासिल करना है।
- यह दौरा दिखाता है कि राज्य सरकार केंद्र के साथ समन्वय बनाकर अपने राज्य के हित में कार्य करना चाहती है।
यह बैठक और दिल्ली दौरा दोनों ही संकेत देते हैं कि हिमाचल सरकार एक नीतिगत बदलाव और विकास के रोडमैप पर सक्रियता से काम कर रही है।
यदि यह फैसले पारित होते हैं:
- कर्मचारियों को राहत मिलेगी,
- आश्रित परिवारों को सहारा मिलेगा,
- और राज्य को केंद्र से आर्थिक मजबूती भी मिल सकती है।






