एप्पल न्यूज़, शिमला
चौदहवीं हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 11वें सत्र (बजट सत्र) के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में किया गया। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानियां ने की।
विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सभी प्रवेश पत्र ऑनलाइन के स्थान पर हस्तलिखित माध्यम से जारी किए जाएंगे, क्योंकि हाल ही में हिमाचल ई-विधान से राष्ट्रीय ई-विधान (नेवा) को अपनाया गया है, जिसका कार्य अभी प्रगति पर है।
सदस्यों, अधिकारियों व कर्मचारियों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके दृष्टिगत निर्णय लिया गया कि अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास तथा प्रेस पास प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा जांच (फ्रिस्किंग) की आवश्यकता न्यूनतम रहे।
प्रेस संवाददाताओं की सुविधा एवं सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि उनका प्रवेश गेट नंबर 3, 4, 5 और 6 से यथावत रहेगा।

विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी अपने पहचान पत्र स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने होंगे। किसी भी सरकारी अधिकारी/कर्मचारी अथवा अन्य पासधारक द्वारा पास का दुरुपयोग या हस्तांतरण किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने अवगत कराया कि लगभग 500 पुलिस जवान विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा में तैनात रहेंगे और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विधानसभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही अनुमति होगी।
प्रेस संवाददाताओं के लिए विधानसभा चौक से गेट नंबर 2 (लगभग 30 मीटर दूरी) तक पार्किंग व्यवस्था रहेगी।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए गेट नंबर 2 से महालेखाकार कार्यालय के बीच मॉल रोड पर चिन्हित स्थानों पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी पार्किंग स्टिकर वाहन के सामने स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। विधानसभा परिसर के भीतर मोबाइल फोन, पेजर आदि ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के माननीय सदस्यों से आगंतुकों व जनप्रतिनिधि मंडलों की मुलाकात विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में समय उपलब्ध होने पर ही हो सकेगी। इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग एवं सीआईडी आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश संख्या 140 की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से भी की जाएगी।

इसके अतिरिक्त विधानसभा परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक एंबुलेंस, दो डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर तैनात रहेगा। सदन के भीतर फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी, उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सत्र की कार्यवाही देखने आने वाले आगंतुकों को दर्शक दीर्घा में स्थान उपलब्धता के अनुसार ही पास जारी किए जाएंगे। साथ ही अध्यक्ष ने अधिकारियों को विधानसभा भवन व परिसर की मरम्मत, रखरखाव तथा साफ-सफाई कार्य समय रहते पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह, वन एवं राजस्व) के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत निगम आदित्य नेगी, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, महानिरीक्षक सतर्कता संतोष पटियाल, उप-महानिरीक्षक दक्षिण रेंज अंजुम आरा, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क एवं मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव राजीव कुमार, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन हरबंस सिंह, प्रबंध निदेशक हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम राजीव कुमार, आयुक्त नगर निगम शिमला भूपेंद्र कुमार अत्री, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. गोपाल बैरी सहित लोक निर्माण विभाग, विद्युत, एसजेपीएनएल, होमगार्ड व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







