एप्पल न्यूज़, शिमला
शिमला: राजधानी शिमला में छोटे स्तर की ठगी के लगातार सामने आ रहे मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि कुछ युवक महिलाओं और बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर नकद पैसे ले रहे हैं और Google Pay करने का झांसा देकर मौके से फरार हो जाते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को दो युवतियां अपने एक बीमार परिजन के इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला पहुंची थीं। इसी दौरान तीन युवक उनके पास आए, जिनमें से एक के पैर पर पट्टी और हाथ पर प्लास्टर जैसा लगा हुआ था। युवकों ने दवाई के लिए तत्काल ₹1000 नकद की जरूरत बताई और भरोसा दिलाया कि वे तुरंत Google Pay कर देंगे।

मानवीय आधार पर विश्वास करते हुए युवतियों ने उन्हें नकद राशि दे दी। आरोप है कि पैसे लेने के बाद युवक मौके से फरार हो गए और कोई ऑनलाइन भुगतान नहीं किया।
इसके बाद युवतियों ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो आरोपी बार-बार “5 मिनट में पैसे भेजने” की बात कहते रहे। पीड़ित पक्ष आईजीएमसी परिसर स्थित पुलिस चौकी पहुंचा, जहां उन्हें थाना जाने की सलाह दी गई। वहीं यह भी बताया गया कि एक दिन पहले भी एक बुजुर्ग महिला के साथ इसी प्रकार की घटना हुई थी।
बाद में पीड़ित पक्ष पुलिस स्टेशन पहुंचा, जहां पुलिस ने आधिकारिक नंबर से आरोपियों को फोन किया। आरोपियों ने खुद को संजौली में बताते हुए कुछ ही मिनटों में पैसे भेजने अथवा थाना आने की बात कही। बताया जा रहा है कि इस तरह के आश्वासन करीब तीन बार दिए गए।
घटना दोपहर लगभग 12:30 बजे की बताई जा रही है, लेकिन शाम करीब 5 बजे पुलिस स्टेशन में ड्यूटी बदलने के बाद जब दोबारा संपर्क किया गया तो आरोपियों के फोन बंद मिले। पीड़ित पक्ष का कहना है कि शुरुआती समय में सख्त कार्रवाई और लोकेशन ट्रेसिंग न होने के कारण आरोपियों को पकड़ने का मौका हाथ से निकल गया।
शिकायतकर्ता नेहा बिष्ट के अनुसार बाद में पुलिस कर्मियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में शिमला में ऐसे 150 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें युवक महिलाओं और बुजुर्ग महिलाओं से ₹1000 नकद लेकर तुरंत GPay करने का झांसा देकर फरार हो जाते हैं।
घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और इस प्रकार की संगठित ठगी की आशंका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







