स्वास्थ्य विभाग की खरीद में घोटाले की आशंका, स्वतंत्र जांच की मांग, भाजपा ने कहा- “हर पैसे का हिसाब जनता को मिले”

IMG_20260514_180822
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला

हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों, मशीनों और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। भाजपा ने इस पर उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग की है।

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं नाचन के विधायक *विनोद कुमार* ने आज कहा कि जब सुश्री एम. सुधा देवी स्वास्थ्य विभाग की सचिव थीं, उस दौरान हुई खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और नियमों की अनदेखी की शिकायतें लगातार आ रही हैं।

उन्होंने कहा, `स्वास्थ्य पर खर्च होने वाला हर रुपया जनता के टैक्स का पैसा है। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही हो। अगर कहीं वित्तीय गड़बड़ी, पक्षपात या नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।`

*भाजपा की 3 मुख्य मांगें:*

1. *स्वतंत्र जांच*: स्वास्थ्य विभाग के पिछले वर्षों के सभी बड़े खरीद आदेश, टेंडर, तकनीकी मूल्यांकन और अनुबंधों की जांच किसी स्वतंत्र और सक्षम एजेंसी से कराई जाए।

2. *रिपोर्ट सार्वजनिक हो*: जांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि जनता को सच पता चल सके।

3. *दोषियों पर कार्रवाई*: अगर जांच में कोई अधिकारी, कर्मचारी या ठेकेदार दोषी पाया जाता है तो उस पर बिना भेदभाव के सख्त कार्रवाई हो। और अगर कोई गलती नहीं है तो वो भी साफ किया जाए ताकि गलतफहमी दूर हो।

विनोद कुमार ने साफ किया कि उनका मकसद किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना नहीं है। `हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि सरकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और सुशासन मजबूत हो। हर सरकारी कर्मचारी को कानून के तहत अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है। फैसला जांच के बाद ही होना चाहिए।`

उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता को यह जानने का पूरा हक है कि स्वास्थ्य के नाम पर खर्च हुआ पैसा कानून और नियमों के हिसाब से लगा है या नहीं। `पारदर्शिता ही अच्छी सरकार की नींव है और जवाबदेही ही लोकतंत्र की ताकत है।`

Share from A4appleNews:

You May Like

Breaking News