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हिमाचल विधानसभा में “राष्ट्रगान का अपमान” कर भाजपा ने किया अपराध- सुक्खू

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एप्पल न्यूज़, शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रगान को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच विवाद खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में राष्ट्रगान को लेकर भाजपा विधायकों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान का अपमान कर अपराध किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान देश की गरिमा, सम्मान और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय है तथा इसका अपमान किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से राष्ट्रगान के दौरान सदन में सभी सदस्यों को खड़े होने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद भाजपा विधायक राष्ट्रगान शुरू होने से पहले ही राष्ट्रगीत को लेकर सवाल उठाते रहे। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सदन में इससे पहले भी राष्ट्रगान गाया जाता रहा है। ऐसे में राष्ट्रगान को लेकर विवाद खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।


सुक्खू ने कहा कि आजादी के बाद पिछले 77-78 वर्षों से देश में राष्ट्रगान गाया जाता रहा है। राष्ट्रगान भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वयं राष्ट्रगान गाते हैं, ऐसे में भाजपा विधायकों की ओर से विधानसभा में राष्ट्रगान को लेकर विरोध किया जाना समझ से परे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थान में इस तरह का विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक राष्ट्रगान शुरू होने से पहले ही राष्ट्रगीत के मुद्दे पर सवाल उठाते रहे, जबकि सदन में सभी सदस्यों से राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होने को कहा गया था।
मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायकों के निधन पर विधानसभा में शोक व्यक्त करने की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस मामले में भी संवेदनशीलता नहीं दिखाई। सुक्खू ने कहा कि पूर्व विधायकों के निधन पर सदन में शोक व्यक्त किया जाता रहा है, लेकिन इस बार भाजपा की ओर से संवेदनहीनता दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में राजनीति का स्तर किस हद तक नीचे पहुंच गया है, यह पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट होता है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रगान के सम्मान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

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