एप्पल न्यूज़, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों तक सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की सभी योजनाओं के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने को भी कहा, ताकि लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा हो।
मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 19 से 27 वर्ष की आयु के बच्चों को भी ₹1,000 प्रतिमाह पॉकेट मनी देने के निर्देश दिए। वर्तमान में योजना के तहत विधवा एवं एकल महिलाओं के 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को ₹1,000 मासिक पॉकेट मनी दी जा रही है। योजना के तहत प्रदेश में 21,292 लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं तथा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹40.29 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत विधवा एवं एकल महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है। कोई भी बच्चा आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर ₹20 लाख तक का ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सुख शिक्षा योजना के लाभार्थियों और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के 50-50 मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संसाधनों और समृद्धि का लाभ समाज के वंचित वर्गों तक भी पहुंचना चाहिए।
बैठक में प्रस्तावित इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना की भी समीक्षा की गई। इसके तहत प्रदेश के 11 जिलों में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने की परिकल्पना की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नौ बाल देखभाल केंद्रों/संस्थानों के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कांगड़ा जिले के लुथान में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय ग्राम परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा परियोजना को मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, सचिव सी.पी. वर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित, ईसोमसा के निदेशक सुमित खिमटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




