11 साल का इंतजार खत्म पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बनेगा रेणुका जी जू
एप्पल न्यूज़, रेणुका जी/ सिरमौर
20 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। करीब 11 वर्षों के इंतजार के बाद महाराष्ट्र से रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा आज श्री रेणुका जी चिड़ियाघर पहुंच गया। महाराष्ट्र के गोरेवाड़ा से लाए गए इस टाइगर जोड़े ने करीब 1900 किलोमीटर का सफर तय किया और रविवार दोपहर करीब 1 बजे रेणुका जी चिड़ियाघर पहुंचाया गया।
टाइगर जोड़े में नर की उम्र करीब पांच वर्ष और मादा की उम्र करीब तीन वर्ष है। डॉ. शहनवाज आईएफएस, उप अरण्यपाल, शिमला वाइल्डलाइफ के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम की निगरानी में दोनों टाइगरों को सुरक्षित रूप से रेणुका जी लाया गया।

अरण्यपाल वन्यप्राणी वृत्त शिमला दक्षिण, श्रीमती प्रीति भंडारी आईएफएस ने बताया कि रॉयल बंगाल टाइगर के आवासीय मानकों के अनुरूप करीब 1.67 करोड़ रुपये की लागत से एन्क्लोजर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि टाइगर के जोड़े का हिमाचल प्रदेश में आगमन वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे आने वाले समय में श्री रेणुका जी चिड़ियाघर पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
डॉ. शहनवाज आईएफएस ने बताया कि वन्यजीव आदान-प्रदान के लिए आवश्यक स्वीकृति अगस्त 2026 में प्राप्त हुई थी, जिसके बाद प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत श्री रेणुका जी चिड़ियाघर से रेड जंगल फाउल (जंगली मुर्गे) का जोड़ा महाराष्ट्र के नागपुर स्थित टाइगर रेस्क्यू सेंटर को दिया गया और इसके बदले हिमाचल प्रदेश को रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि इस वन्यजीव आदान-प्रदान से रेणुका जी चिड़ियाघर में रॉयल बंगाल टाइगर को शामिल करने का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।




