राज्य सचिवालय (हिमाचल प्रदेश) में अब बिना औपचारिक प्रक्रिया के प्रवेश नहीं मिलेगा। यह कदम हाल ही में एक सुरक्षा कर्मी के साथ हुई हाथापाई की घटना के बाद उठाया गया है।
सचिवालय की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अप्रत्याशित घटनाओं को रोकने और कार्य प्रणाली को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से ये नियम लागू किए गए हैं।
हाल ही में चौपाल के एक कांग्रेसी नेता ने सुरक्षा कर्मी को थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद मामला पुलिस में गया लेकिन रफा दफा कर दिया। अब इस सख्ती के बाद सचिवालय में बेवजह घूमने वाले लोगों पर रोक लगेगी।

आमजन को अब संगठित, समयबद्ध और दस्तावेज आधारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
प्रवेश प्रक्रिया के नए दिशा-निर्देश:
- प्रवेश समय:
🔹 आगंतुक प्रातः 10:30 से दोपहर 1:00 बजे तक ही प्रवेश पत्र बनवा सकते हैं। - कैसे मिलेगा प्रवेश पत्र:
🔹 मौखिक आग्रह मान्य नहीं।
🔹 संबंधित विभाग से लिखित अधियाचना या ई-मेल के माध्यम से अनुरोध अनिवार्य।
🔹 स्वागत कक्ष के टेलीफोन (डायल 9) के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। - प्रमाण-पत्र अनिवार्य:
🔹 आधार कार्ड, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना अनिवार्य।
🔹 प्रवेश पत्र केवल दो घंटे के लिए मान्य रहेगा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात हेतु व्यवस्था
मुख्यमंत्री से आमजन बुधवार और शुक्रवार को संवाद भवन में मिल सकते हैं।
समय: प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।
मुख्यमंत्री अनुपस्थित होने की स्थिति में उनके प्रतिनिधि आगंतुकों से मिलेंगे।
मंत्रियों और अधिकारियों से मिलने की प्रक्रिया:
केवल अति आवश्यक कार्य व निर्धारित बैठकों हेतु ही
🔹 संबंधित अधिकारी हस्ताक्षरयुक्त लिखित अनुरोध पत्र भेजें।
🔹 यह प्रक्रिया दोपहर 1:00 बजे से पहले पूरी करनी होगी।
प्रवेश पत्र दोपहर 2:00 से शाम 5:00 बजे तक जारी किए जाएंगे।
सुरक्षा के कड़े आदेश:
प्रवेश पत्र और पहचान पत्र दोनों अनिवार्य।
गेट पर सुरक्षा कर्मचारी कम्प्यूटर में दर्ज जानकारी से सत्यापन करेंगे।
आगंतुक केवल उसी विभाग में जा सकेंगे, जिसका नाम उनके प्रवेश पत्र पर दर्ज होगा।






