एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों से पहले जिला परिषद अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण रोस्टर तय कर दिया गया है।
इस निर्णय के साथ ही राज्य के सभी 12 जिलों में अध्यक्ष पदों की श्रेणी स्पष्ट हो गई है, जिससे चुनावी तैयारियों को नई दिशा मिल गई है।
यह रोस्टर पंचायत चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इसी के आधार पर उम्मीदवार अपनी रणनीति तैयार करते हैं।
जारी सूची के अनुसार सिरमौर और सोलन जिलों में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि मंडी जिला अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।

किन्नौर में यह पद अनुसूचित जनजाति और लाहौल-स्पीति में अनुसूचित जनजाति महिला के लिए तय किया गया है। वहीं कांगड़ा जिले में अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
इसके अलावा हमीरपुर और चंबा जिलों में अध्यक्ष पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। दूसरी ओर शिमला, कुल्लू, ऊना और बिलासपुर जिलों को ओपन श्रेणी में रखा गया है, जहां सभी वर्गों के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं।
आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने अपने स्तर पर चुनावी रणनीतियां बनानी शुरू कर दी हैं।

जिला परिषद अध्यक्ष का पद स्थानीय राजनीति में बेहद प्रभावशाली माना जाता है, इसलिए इस रोस्टर का सीधा असर चुनावी समीकरणों पर देखने को मिलेगा।
जिला परिषद अध्यक्ष आरक्षण रोस्टर (हिमाचल प्रदेश)
🔴 अनुसूचित जाति महिला (SC Women)
➡️ सिरमौर
➡️ सोलन
🔴 अनुसूचित जाति (SC)
➡️ मंडी
🔵 अनुसूचित जनजाति (ST)
➡️ किन्नौर
🔵 अनुसूचित जनजाति महिला (ST Women)
➡️ लाहौल-स्पीति
🟠 अन्य पिछड़ा वर्ग महिला (OBC Women)
➡️ कांगड़ा
🟣 सामान्य वर्ग महिला (General Women)
➡️ हमीरपुर
➡️ चंबा
⚪ ओपन श्रेणी (सभी के लिए खुला)
➡️ शिमला
➡️ कुल्लू
➡️ ऊना
➡️ बिलासपुर







