एप्पल न्यूज़, शिमला
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सांदीपनि भारद्वाज ने सेब सीजन के बीच पैकिंग के लिए 30 गनी बैग खरीद की सीमा तय करने के फैसले पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए इसे किसान और बागवान विरोधी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से प्रदेश की करीब 8 लाख आबादी और लगभग ₹5,500 करोड़ की सेब अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी बागवान के बगीचे में सैकड़ों पेटी सेब का उत्पादन होता है, तो वह केवल 30 बैग में पैकिंग कैसे करेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार किसी सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने के लिए कृत्रिम कमी पैदा कर रही है। उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर HPMC और APMC के कलेक्शन सेंटर समय पर नहीं खुले या पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रहे हैं। वहीं, MIS के नाम पर किसानों को नोटिस भेजकर उन्हें कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं अनियमितता हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन पूरे बागवानी समुदाय को संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि HPMC पहले ही किसानों के भुगतान में देरी को लेकर सवालों के घेरे में रही है। सरकार को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, सभी कलेक्शन सेंटर पूरी क्षमता से चलाने और पर्याप्त पैकिंग सामग्री उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।
सांदीपनि भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से 30 बैग की सीमा संबंधी आदेश तत्काल वापस लेने, कलेक्शन सेंटरों को सुचारु रूप से संचालित करने, किसानों के भुगतान समयबद्ध करने और बागवानों को अनावश्यक नोटिस भेजना बंद करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने सेब उत्पादकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भाजपा प्रदेशभर में बागवानों के साथ सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।






