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एक लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को दो हजार रुपये की वित्तीय सहायता जारीः मुख्यमंत्री

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एप्पल न्यूज़, शिमला

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों का कल्याण सुनिश्चित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और श्रम सुधार की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। वह यहां श्रम सुधारों पर श्रम एवं रोजगार विभाग द्वारा दी गई प्रस्तुति की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत जारी लाॅकडाउन अवधि में श्रम एवं रोजगार विभाग के फील्ड अधिकारी प्रतिदिन निरीक्षण कर रहे हैं और इसकी दैनिक निगरानी भी की जा रही है। अभी तक प्रदेश में 1373 निरीक्षण किए गए हैं, ताकि श्रमिकों के शोषण पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक नियोक्ताओं ने अपने कर्मचारियों को वेतन व मजदूरी की अदायगी कर दी है। श्रमिकों को मजदूरी नहीं मिलने संबंधी शिकायतों की गंभीरतापूर्वक जांच की जा रही है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड से पंजीकृत श्रमिकों को मार्च व अप्रैल, 2020 के लिए दो हजार रुपये प्रति कामगार वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि 1,02,368 पंजीकृत श्रमिकों को पहली किश्त देने के लिए 20.47 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से जारी किए जा चुके हैं, जबकि एक दिन के अंदर दूसरी किश्त भी जारी कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में फंसे हिमाचल प्रदेश के श्रमिकों और हिमाचल में फंसे बाहरी राज्यों के श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए उप श्रम आयुक्त को कोविड-19 के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन की सहायता और समन्वय के लिए सभी श्रम अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह ने श्रम सुधारों पर प्रस्तुति दी।

उद्योग और श्रम एवं रोजगार मन्त्री बिक्रम सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव अनिल खाची, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, श्रम आयुक्त एसएस गुलेरिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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