विकास की कहानीः- शहरों की तर्ज सभी सुविधाओं से सम्पन्न है छितकुल

एप्पल न्यूज़, किन्नौर

जनजातीय जिला किन्नौर में 3440 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सीमांत ग्राम पंचायत छितकुल प्रदेश व केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों के सही कार्यन्यवन व ग्राम वासियों के कठिन परिश्रम की बदौलत आज प्रदेश के मानचित्र पर आदर्श पंचायत के रूप में उभर कर सामने आई है। 06 महीने से अधिक बर्फ की सफेद चादर ओढ़े रहने वाली ग्राम पंचायत छितकुल में आज प्रदेश सरकार की ग्रामो विकासोन्मुखी योजनाओं के चलते शहर की तर्ज पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कोरोना काल में जब पूरे देश में विकास कार्यों की गति धीमी हुई है, वहीं इस पंचायत के लोगों ने इन विपरित परिस्थितियों को भी गांव के विकास के लिए प्रयोग में लाया है। पंचायत वासियों द्वारा इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना (मनरेगा) के तहत अपने खेतों का सुधार किया गया है। भूमि सुधार के चलते आने वाले समय में अच्छी फसल के होने से आय में भी वृृद्धि होगी वहीं केन्द्र सरकार द्वारा 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
छितकुल गांव की 87 वर्षीय एकल महिला राम देवी का कहना है कि वह मनरेगा के तहत अपने खेतों में भू-सुधार कर रही हैं। उनका कहना है कि खेत पहले छोटे-छोटे थे और पत्थर भी बहुत थे, उन्हें निकालकर खेतों को बड़ा कर दिया गया है जिससे फसल उगाने में आसानी हो रही है तथा आने वाले समय में फसल की पैदावार भी भरपूर होगी।

उन्होंने कहा कि इससे जहां भू-सुधार सुनिश्चित हुआ है और ग्राम वासी अपनी जमीन पर कार्य कर अपनी आय में भी वृद्धि कर रहें है। ग्राम पंचायत छितकुल की प्रधान राज कुमारी का कहना है कि लोगों को कोरोना काल में घर के नजदीक ही स्व-रोजगार उपलब्ध हुआ है। भूमि सुधार के चलते ग्राम वासियों के लिए कृषि से आय का स्थाई स्त्रोत भी बना है।

उनका कहना है कि उनके गांव में सात लोगों द्वारा भूमि सुधार का कार्य किया जा रहा है जिसके तहत किसानों द्वारा खेतों में सुधार के साथ-साथ खेतों की बाढ़-बंदी भी की जा रही है। इस कार्य के लिए मनरेगा के तहत प्रति किसान को 90 हजार से एक लाख तक के कार्य को स्वीकृति दी गई है।
ग्राम पंचायत प्रधान का कहना है कि उनके गांव में प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार की विकासोन्मुखी योजनाओं व कार्यक्रमों की बदौलत आज हर प्रकार की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 14वें वित्त आयोग द्वारा जारी 8 लाख रुपये की राशि से गांव में सौर ऊर्जा चालित स्ट्रीट लाईट लगाई गई हैं। इसके इलावा रू-बर्न मिशन के तहत भी गांव में 25 सोलर स्ट्रीट लाईट लगाई गई हैं।
ग्राम पंचायत उप-प्रधन अरविंद कुमार नेगी का कहना है कि गांव में सीवरेज लाईन बिछाने पर 06 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहें हैं तथा सीवरेज लाईन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि गांव की पगडंडियों को चक्का टाईल से पक्का किया गया है, जिस पर 10 लाख रुपये की राशी व्यय की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि गांव के 20 लोगों को रू-बर्न मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की राशि प्रति परिवार प्रदान की गई है, इसके अतिरिक्त गांव में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव में 13 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसके इलावा दो लाख रुपये की लागत से पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण किया गया है।

गांव में आज सराय भवन, लोक निर्माण विभाग का विश्राम गृह के अतिरिक्त निजि होटल व होम-स्टे हैं। गांव में बच्चों को घर-द्वार पर उच्च शिक्षा उपलब्ध हो, के लिए वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला है और औषधालय, पार्क व खेल मैदान सहित सभी मूलभूत सुविधाएं हैं।

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