बाढ़-भूस्खलन के बीच प्रदेश भर में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए पुलिस ने बनाया गया “वॉर रूम”, DGP सतवंत अटवाल बोली – सोशल मीडिया निभा रहा अहम भूमिका

IMG_20260414_194415
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज, शिमला

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है. इस बीच हिमाचल प्रदेश पुलिस बीते 72 घंटों से भी ज्यादा वक्त से लगातार लोगों को रेस्क्यू करने में लगी हुई है।

हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में फंसे लोगों के साथ संपर्क करने के लिए पुलिस निदेशालय में वॉर रूम स्थापित किया गया है।

हिमाचल प्रदेश की कार्यकारी डीजीपी सतवंत अटवाल त्रिवेदी खुद पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. लोगों को रेस्क्यू करने में सोशल मीडिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सोशल मीडिया के जरिए न केवल आम जनता तक त्वरित जानकारी पहुंचाई जा रही है, बल्कि लोग अपने परिजनों की मदद के लिए भी पुलिस तक सोशल मीडिया के जरिए पहुंच पा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश पुलिस की कार्यकारी डीजीपी सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों पर पुलिस लगातार काम में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि पुलिस अब तक 200 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर चुकी है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. पुलिस के अधिकारी और जवान लगातार काम में जुटे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि चंद्रताल लेक में फंसे पर्यटकों को करने के लिए हेलीकॉप्टर भेजा गया था, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से फिलहाल टला है. जैसे ही मौसम साफ होगा, वैसे ही सभी को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस सभी स्थानों पर तैनात हैं और फंसे हुए लोगों के साथ संपर्क कर रही है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद जिला कुल्लू और मंडी का हवाई निरीक्षण करके लौटे हैं और भुंतर से पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Share from A4appleNews:

Next Post

KfW की कार्यकारी समिति ने प्रदेश में वन पारिस्थितिकी तंत्र जलवायु प्रूफिंग परियोजना के लिए 50.20 करोड़ की वार्षिक योजना को दी मंजूरी

Wed Jul 12 , 2023
एप्पल न्यूज़, शिमलाजर्मन विकास बैंक (KfW) की कार्यकारी समिति ने हिमाचल प्रदेश में वन पारिस्थितिकी तंत्र जलवायु प्रूफिंग परियोजना को वित्तपोषित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 50.20 करोड़ की वार्षिक योजना को दी मंजूरी । हिमाचल प्रदेश में जर्मन विकास बैंक (KfW) द्वारा वित्त पोषित वन इको-सिस्टम […]

You May Like

Breaking News