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MIS के तहत खरीदा 25 हजार MT सेब, HPMC दिल्ली- मुंबई और चेन्नई की संपत्तियों को PPP मॉडल पर करेंगे विकसित

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206 सेब संग्रह केंद्रों में खरीदा गया एमआईएस सेब
ऑनलाइन एमआईएस पोर्टल के माध्यम से खरीदा 25 हजार मीट्रिक टन सेब

एप्पल न्यूज, शिमला

राजस्व एवं बागवानी मंत्री और एचपीएमसी के अध्यक्ष जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां एचपीएमसी के निदेशक मंडल की 216वीं और 49वीं वार्षिक आम बैठक आयोजित हुई। बैठक में बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट, निदेशक मंडल रिपोर्ट आदि के अनुमोदन के साथ-साथ एचपीएमसी की विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई।

बैठक में प्रदेश के बागवानों और किसानों के हित में हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) की सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया गया।
बागवानी मंत्री ने बताया कि एचपीएमसी ने प्रदेश के अपने 206 सेब संग्रह केंद्रों में एमआईएस सेब खरीद कार्य को कुशलतापूर्वक पूर्ण किया है। इस वर्ष एचपीएमसी द्वारा ऑनलाइन एमआईएस पोर्टल के माध्यम से लगभग 25,000 मीट्रिक टन सेब खरीदा गया। इसमें से अधिकांश को संसाधित करके लगभग 2000 मीट्रिक टन (20 लाख लीटर) सेब का जूस तैयार किया गया है।


उन्होंने बताया कि एमआईएस सेब की नीलामी न करवाकर एचपीएमसी ने न केवल यह सुनिश्चित किया कि ग्रेड-सी सेब खुले बाजार में न आए, बल्कि परवाणू में एमआईएस सेब की नीलामी के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण को भी रोका है।
जगत सिंह नेगी ने बताया कि एचपीएमसी हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से राज्य में एमआईएस खरीद संचालन करने वाली एकमात्र एजेंसी होगी।
बैठक में दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में पीपीपी मॉडल पर एचपीएमसी की संपत्तियों को विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। कोलकाता में एचपीएमसी भूमि का विकास उन्नत चरण में है और कृषि-बागवानी पर्यटन की संभावनाओं के लिए एचपीएमसी की राजगढ़ और पतलीकूहल संपत्तियों के उपयोग की संभावनाएं तलाश करने का निर्णय लिया गया।
सचिव बागवानी सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में सात सीए स्टोर और 10 ग्रेडिंग पैकिंग लाइनों के पूर्ण उपयोग के लिए रणनीति बनाने और योजना तैयार करने का भी प्रस्ताव किया गया है।

बोर्ड ने एचपीएमसी और मेसर्स जियोट्रॉपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच जिला किन्नौर के टापरी में 500 मीट्रिक टन की क्षमता के साथ भू-तापीय ऊर्जा आधारित कोल्ड स्टोर की स्थापना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए भी मंजूरी दी।
उन्होंने बताया कि एचपीएमसी द्वारा जल्द ही जिला शिमला के पराला में अपने नए चालू फल प्रसंस्करण संयंत्र और जिला मंडी के जरोल, सुंदरनगर में फल प्रसंस्करण संयंत्र से एप्पल वाइन लॉन्च किया जाएगा।
वहीं, एचपीएमसी पराला संयंत्र से अपने रेडी-टू-सर्व सेब का जूस भी लॉन्च करेगा। बैठक में एचपीएमसी की वित्तीय स्थिति से बोर्ड को अवगत करवाया गया। इस वित्तीय वर्ष में एचपीएमसी रिकॉर्ड लाभ प्राप्त करने जा रहा है। इस वर्ष से एचपीएमसी किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए बाजिव दामों पर सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले ब्रांडेड उत्पाद उपलब्ध करवा रहा है।
उन्होंने बताया कि विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना (एचपीएचडीपी) के अंतर्गत सीए स्टोर और ग्रेडिंग पैकिंग लाइनों सहित 13 परिसंपत्तियों का निर्माण पूरा हो चुका है और इन्हें एचपीएमसी के माध्यम से बागवानों की सेवाओं में समर्पित किया गया है। बोर्ड ने एचपीएमसी के वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने और राज्य के बागवानों को और भी बेहतर सेवाएं प्रदान करने को कहा गया है।
प्रबंध निदेशक एचपीएमसी सुदेश मोक्टा, विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल, प्रबंध निदेशक एचपी एग्रो इंडस्ट्रीज रीमा कश्यप, एचपीएमसी के महाप्रबंधक सन्नी शर्मा और संयुक्त निदेशक बागवानी हेम चंद शर्मा भी बैठक में उपस्थित रहे।  

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