एप्पल न्यूज़, शिमला
अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खेड़ा ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उसके पास कांग्रेस द्वारा शुरू की गई जनहित की योजनाओं को कमजोर करने व कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर सीबीआई, इनकम टैक्स व इडी के झूठे मामले बनाने का ही काम रह गया है।
उन्होंने कहा है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटा कर इसके मूल स्वरूप को कमजोर कर दिया गया है। कांग्रेस इसके खिलाफ संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ेगी।
आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए सुखपाल सिंह खेड़ा ने कहा कि भाजपा नफरत की राजनीति कर देश के लोकतंत्र का मज़ाक उड़ा रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा किसानों, मजदूरों व आम आदमी की कोई बात नही सुनती। कुछ सरमायदारों करोड़ो के ऋण माफ हो जाते है जबकि किसानों व आम आदमी के हजारों के ऋण भी माफ नही होते। केंद्र की सरकार अडानी अम्वानी के हाथों में खेल रही है।
खेड़ा ने कहा कि मनरेगा का नाम बदल कर इस नए कानून को इतना कमजोर कर दिया गया है कि 60-40 का अनुपात राज्य पूरा ही नही कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से केंद्र ने इस पर अपनी कैंची चला कर इसे कमजोर करने में कोई कोर कसर बाकी नही रखी। कांग्रेस जब तक इसके मूल स्वरूप को वापिस नही लाती तब तक इसके खिलाफ आंदोलन जारी रेहगा।
खेड़ा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार विपक्ष के कुछ नेताओं को निशाना बना कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश करती रही है। सीबीआई, ईडी व इनकम टैक्स द्वारा झूठे मामले बना कर उनके नेताओं को अपमानित करने की कोशिश की जाती रही है।
खेड़ा ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी पर अदालत द्वारा उनके खिलाफ बनाये मामलों को सुनने से इनकार कर दिया है उससे साफ है कि उनके नेताओं पर झूठे आरोप है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी से जांच एजेंसियों ने घण्टों पूछताछ की,बाबजूद इसके उनके कोई भी आरोप कोर्ट में नही टिके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भाजपा विपक्ष की आवाज को दबाने का पूरा प्रयास करती रही है।
उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस भाजपा के किसी भी दबाव से डरने वाली नही।लोकतंत्र की रक्षा के लिये सभी देशवासियों को एकजुट होकर आगे आना होगा।







