अतिक्रमण और चिट्टा के मामलों में नियमों में बदलाव से रोचक हुए पंचायत चुनाव

IMG_20260414_194415
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, शिमला
Himachal Pradesh में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने में अब केवल एक दिन शेष बचा है, ऐसे में कई संभावित उम्मीदवार कानूनी प्रावधानों और नए नियमों को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।

राज्यभर में अब तक 42,562 उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं, लेकिन बदले हुए नियमों के कारण बड़ी संख्या में लोग चुनाव लड़ने से वंचित हो सकते हैं।
सरकार द्वारा हाल ही में किए गए नियमों के बदलावों ने चुनावी पात्रता को और सख्त बना दिया है। नए प्रावधानों के अनुसार यदि परिवार के किसी सदस्य ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है, तो उसका असर पूरे परिवार की चुनावी पात्रता पर पड़ सकता है।

यदि पिता, माता, दादा-दादी या ससुर के नाम पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो बेटा, पोता या बहू चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। पति या पत्नी में से किसी के नाम पर अवैध कब्जा होने की स्थिति में दोनों चुनाव लड़ने के अयोग्य माने जाएंगे। अविवाहित पुत्री के नाम पर अतिक्रमण होने पर भी वह चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो जाएगी।
इतना ही नहीं, यदि कोई उम्मीदवार चुनाव जीतने के बाद अतिक्रमण या अन्य कानूनी उल्लंघन में दोषी पाया जाता है, तो उसकी निर्वाचित कुर्सी भी जा सकती है। कानूनी जानकारी के अभाव में कई उम्मीदवार अनजाने में चुनावी रेस से बाहर हो सकते हैं।
भ्रष्टाचार और बकायेदारों पर भी सख्ती
नियमों के तहत भ्रष्टाचार या चुनावी अनियमितताओं में दोषी पाए गए लोग चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। सहकारी समितियों या पंचायतों के डिफाल्टर उम्मीदवार भी अयोग्य घोषित किए जाएंगे। पंचायत टैक्स या पंचायत निधि का भुगतान न करने वालों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी। जिन व्यक्तियों पर पंचायत की रिकवरी लंबित है, वे भी चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे।
31,182 पदों पर होंगे चुनाव
प्रदेश में कुल 31,182 पदों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। इनमें—
21,654 ग्राम पंचायत सदस्य
3,754 प्रधान
3,754 उपप्रधान
1,769 पंचायत समिति सदस्य
251 जिला परिषद सदस्य
शामिल हैं। गांवों की चौपालों से लेकर जिला मुख्यालयों तक चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और अब सबकी नजर नामांकन प्रक्रिया और आगामी मुकाबलों पर टिकी है।
वोटर लिस्ट में नाम जरूरी
पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की आयु कम से कम 21 वर्ष होना अनिवार्य है। संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज न होने पर व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। अदालत द्वारा दिवालिया घोषित व्यक्ति, मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित व्यक्ति तथा सरकारी कर्मचारी या लाभ के पद पर कार्यरत लोग भी चुनाव लड़ने के अयोग्य माने जाएंगे। इसके अलावा गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए व्यक्तियों पर भी चुनाव लड़ने पर रोक रहेगी।

Share from A4appleNews:

Next Post

HPBOSE: 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित, 83.87% विद्यार्थी हुए पास, 700 में से 699 अंक लेकर कांगड़ा की अनमोल टॉपर

Sun May 10 , 2026
एप्पल न्यूज़, धर्मशाला HPBOSE: 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित, 83.87% विद्यार्थी हुए पास, 700 में से 699 अंक लेकर कांगड़ा की अनमोल टॉपर, पढ़ें मेरिट लिस्ट

You May Like

Breaking News