हिमाचल कैबिनेट ने दी 2500 पद भरने को मंजूरी, 2 लाख से कम आय वाली महिलाओं को 1500 रुपये, 24 घंटे खुलेंगी दुकानें, मानदेय में की वृद्धि

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एप्पल न्यूज़, शिमला

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रदेश में लागू पंचायत चुनाव आचार संहिता के कारण सरकार की ओर से आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग नहीं की गई, लेकिन सूत्रों के अनुसार कैबिनेट ने रोजगार, शिक्षा, महिला कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अहम फैसलों को मंजूरी दी है।
कैबिनेट ने प्रदेशभर में दुकानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति देने का बड़ा निर्णय लिया है। साथ ही कॉलेज प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 63 वर्ष करने को भी मंजूरी दी गई है।
बैठक में मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं पर भी मुहर लगी। रिडक्शन ऑफ रॉयल्टी को 7 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। वहीं मिड-डे मील वर्कर्स, एसएमसी तथा मल्टी टास्क वर्कर्स के मानदेय में 500 रुपये बढ़ाने को स्वीकृति प्रदान की गई।


महिला कल्याण के तहत वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम वाले परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। यह कांग्रेस सरकार का प्रमुख चुनावी वादा रहा है। पंचायत चौकीदारों के वेतन में 500 रुपये तथा सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई।
सरकार ने हिम चंडीगढ़ परियोजना के लिए 8 हजार बीघा भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया है। यह परियोजना चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित किए जाने की योजना का हिस्सा है।
सरकारी विभागों में भर्ती को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए हैं। पुलिस विभाग में 12 क्लर्क पद, आईटीआई में 94 क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर पद, 105 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर पद और 4 एपीआरओ पद भरने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में 1500 नए पदों तथा 500 जेओए आईटी पदों को भरने की स्वीकृति मिली है। कुल मिलाकर लगभग 2500 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हुआ है।
लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्कर्स का वेतन 5500 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का फैसला भी लिया गया है। वहीं प्रागपुर को एसडीएम कार्यालय की सौगात देने का भी निर्णय लिया गया।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के तहत हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधीन 300 स्कूलों में सीबीएसई स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हालांकि पंचायत चुनावों के चलते लागू आचार संहिता के कारण सरकार की ओर से इन निर्णयों की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।

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