एप्पल न्यूज़, शिमला
शिमला, 8 जून। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री Vinod Zinta ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के किसी भी नेता या पदाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu, सरकार अथवा केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ की जाने वाली बयानबाजी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ पार्टी नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में विनोद जिंटा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में पार्टी के एक पूर्व पदाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री और कांग्रेस आलाकमान पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इन आरोपों का उद्देश्य मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करना और प्रदेश सरकार को बदनाम करना है।

उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि यदि किसी को कोई शिकायत है तो उसे मीडिया या सोशल मीडिया के बजाय पार्टी के अधिकृत मंचों पर उठाया जाना चाहिए। जिंटा ने कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और सभी नेताओं को संगठनात्मक मर्यादाओं का पालन करना होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Vinay Kumar के हवाले से उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष Neeraj Bharti का उल्लेख करते हुए जिंटा ने कहा कि यदि उन्हें कोई शिकायत थी तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखा जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि उनके मामले पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति विचार करेगी और आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
इस दौरान प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष Amit Nanda, महासचिव Harikrishan Himral तथा Yashpal Tanhaik भी उपस्थित रहे।
उधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति की बैठक 9 जून को दोपहर 2 बजे राजीव भवन में बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता विधायक Kuldeep Singh Rathore करेंगे। बैठक में पार्टी के भीतर अनुशासन से जुड़े मामलों और हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की






