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सफाई कर्मचरियों से हड़ताल पर न जाने का एफेडेविट लेने पर SC आयोग ने नगर निगम शिमला से मांगा स्पष्टीकरण

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राज्य अनुसूचित जाति आयोग की विभिन्न एनजीओ और सफाई कर्मचारी यूनियन के साथ बैठक आयोजित

एप्पल न्यूज़, शिमला

हिमाचल प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग कुलदीप कुमार धीमान ने की।
आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगे जो आयोग से स्तर पर सुलझाने के दायरे में होंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। इसके अलावा अन्य मांगे, जो सरकार के स्तर की है, उन्हें सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। अभी तक आयोग द्वारा प्रदेश के 9 जिलों में इस तरह अनुसूचित जाति और सफाई कर्मचारियों के हितों के लिए कदम उठाते हुए समीक्षा बैठक आयोजित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोग प्रभावी तरीके से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश महर्षि वाल्मीकि कामगार योजना के तहत तीन लाख रुपए आवास बनाने के लिए मिलते हैं, इस योजना का लाभ लेने के लिए सारी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आवेदन कर सकते है।
उन्होंने कहा कि शिमला शहर को मॉडल सिटी बनाने की दिशा में नगर निगम काम करें। उन्होंने कहा कि हमारे ध्यान में आया है कि सफाई कर्मियों को कूड़ा सिर पर उठाना पड़ रहा है। हमें ऑटोमेशन की तरफ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि हाथों से कूड़ा उठाने का काम कम से कम हो। सफाई कार्य प्रोफेशनली होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आज युवा नशे के आगोश में जा रहा है। ऐसे में युवाओं को रोजगार के साथ जोड़ना होगा ताकि वह नशे की तरफ कदम ही न रख पाए। प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन के साथ विकासात्मक कार्यों को अंजाम दे रही है और इसके सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो गए हैं।
आयोग ने नगर निगम को सफाई व्यवस्था को लेकर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। जब निरीक्षण नियमित नहीं होगा तो काम की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा। आयोग ने कहा कि हमारी प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित रोजगार मुहैया करवाना है। इसके साथ सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों का शोषण न हो। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए निर्धारित हर सुविधा मुहैया करवाई जाए।
आयोग ने नगर निगम में सैहब सोसायटी के कर्मचारियों द्वारा हड़ताल में जाने को लेकर, सफाई कर्मचारियों और सुपरवाईजर से मांगे गए एफेडेविट को लेकर विस्तृत रिपोर्ट नगर निगम से मांगी है। इसके साथ ही नगर निगम, प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के साथ हुई बैठक की कार्यवाही की रिपोर्ट भी आयोग ने तलब की है।
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि नगर निगम से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आयोग के सदस्य डॉ विजय डोगरा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के हितों और अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में आयोग कार्य कर रहा है। आयोग की ओर से सफाई कार्यों में लगी एनजीओ और सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सही दिशा में निकालने के लिए प्रयास किया जाता है।
आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा ने कहा कि वाल्मीकि समुदाय के लोगों के जाति प्रमाण पत्र और बोनाफाइड बनाए जाने को लेकर दिक्कत पेश आ रही है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को दी जा रही यूनिफार्म, गम बूट्स और रेनकोट की गुणवत्ता की भी जांच की।

आयुक्त नगर निगम शिमला सचिन कंवल ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि कामगार योजना के तहत अभी तक नगर निगम को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इस योजना को लेकर एक जागरूकता शिविर लगाया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में 3457 ग्लव्स, मास्क 3428, रेन कोट 1118 और गम बूट्स 62 सफाई कर्मचारियों को दिए जा चुके हैं।

नगर निगम में 150 नियमित कर्मचारी है जबकि 483 पद स्वीकृत है। इसके अतिरिक्त, सेहब सोसायटी के तहत 931 कर्मचारी काम कर रहे है। उन्होंने बताया कि नगर निगम शिमला में करुणामूलक आधार पर हाल ही में 7 कर्मचारियों को नौकरी दी गई है।

इस बैठक में जिला की सभी शहरी निकायों, आईजीएमसी और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, एपीजे विश्वविद्यालय, सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और उनके अधीन कार्यरत सफाई कर्मचारियों की जानकारी आयोग के समक्ष रखी।

बैठक की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान को नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा और डॉ विजय डोगरा को अतिरिक्त आयुक्त डॉ भुवन शर्मा और शालिनी जम्वाल को नगर निगम की मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अंजली चौहान ने सम्मानित किया।

इन्होंने बैठक में रखा पक्ष
विनोद कुमार महासचिव ने कहा कि हमारे सफाई कर्मचारियों के पदों की संख्या हर साल कम हो रही है। जबकि शिमला एक संस्था के प्रतिनिधि पोली जॉर्ज ने बताया कि नगर निगम में दो वार्ड कृष्णानगर और लोअर बाजार को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लिया गया है जहाँ पर एनजीओ के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को यूनिफार्म और सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जा रहे है।
करमचंद भाटिया ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को स्थायी नौकरी होना बेहद जरूरी है। सफाई कर्मचारी पीठ पर कूड़ा उठाने को मजबूर है।
रवि कुमार दलित ने हड़ताल के दौरान सुपरवाइजर को नौकरी से निकाले जाने का मामला उठाया।
सैहब सोसाइटी के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि एस्मा तो हमारे पर लागू किया जाता है। लेकिन हमे जो लाभ मिलने चाहिए वो नहीं मिलते है।
अध्यक्ष सफाई कर्मचारी यूनियन नागेश वाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मचारी जर्जर मकानों में रह रहे है। पिछले कई वर्षों से इन मकानों में मरम्मत कार्य नहीं हो रहे है। सफाई कर्मियों के परिवारों की सुरक्षा खतरे में है।

ये रहे मौजूद
हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य सचिव विश्रुत भारती, डीएसपी शक्ति, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा, रवि कुमार दलित, उपाध्यक्ष सफाई कर्मचारी यूनियन अशोक, उपाध्यक्ष राकेश अटवाल, विकास कुमार, अनमोल भाटिया, सुरेंद्र, श्रवण कुमार, किशोर अटवाल, कर्मचंद भाटिया, वीरेंद्र शर्मा, सीता राम सहित अधिकारी और सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।

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