एप्पल न्यूज़, शिमला
जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) शिमला द्वारा महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें वित्तीय एवं विपणन अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट तथा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एनआईटीकॉन लिमिटेड के माध्यम से किया गया, जिसमें जिले की लगभग 55 महिला उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र शिमला के विस्तार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने की। इस अवसर पर महिला उद्यमियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता के विकल्पों और विपणन मंचों से जुड़ने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यक्रम में महिलाओं के उत्साह और सीखने की इच्छा ने यह दर्शाया कि वे आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान बैंकिंग सेवाओं, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, सरकारी सब्सिडी एवं प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा योजनाओं, उद्यम पंजीकरण तथा डिजिटल और ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने महिला उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
कार्यक्रम में एलडीएम कार्यालय एवं यूको बैंक से परीक्षित गंगटा, डीआरडीए-एनआरएलएम की जिला कार्यक्रम प्रबंधक हेमलता वर्मा, महिला उद्यमी रचना शाक्य सहित उद्योग विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम रैम्प परियोजना के घटक-7 ‘सोशल इंक्लूजन’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों की वित्तीय पहुंच को मजबूत करना, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना तथा स्थायी आजीविका और बाजार संपर्क सुनिश्चित करना है।
आयोजकों के अनुसार यह पहल महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके व्यवसायिक विकास को गति देने की दिशा में एक प्रभावी एवं सार्थक प्रयास साबित हुई।







