एप्पल न्यूज़, शिमला
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को शिमला के लोक भवन के बाहर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन जनता की आवाज़ उठाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के साथ दिल्ली में कथित अभद्र व्यवहार हुआ, जिसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा करते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार मौन रही, जबकि विरोध कर रहे छात्रों पर कार्रवाई की गई।
सुक्खू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए तथा पूरे मामले का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया और कहा कि यदि जनता की आवाज़ दबाने का प्रयास जारी रहा तो पार्टी भविष्य में और व्यापक आंदोलन करेगी।






