एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश वन विभाग के प्रधान मुख्य अरण्यपाल (HoFF) डॉ. संजय सूद ने 24 जुलाई 2026 को प्रधान सचिव (वन) को पत्र भेजकर सरकार से 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड (Assistant Forest Guard) की भर्ती पर पुनर्विचार करने और फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर नियमित भर्ती बहाल करने का आग्रह किया है।
पत्र में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश फॉरेस्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें सरकार के उस निर्णय को वापस लेने की मांग की गई है जिसके तहत 500 फॉरेस्ट गार्ड पद समाप्त कर उनकी जगह 16,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड रखने का निर्णय लिया गया था।

वन विभाग ने सरकार को अवगत कराया है कि एसोसिएशन की मांग है कि समाप्त किए गए पदों को बहाल कर सभी रिक्त नियमित फॉरेस्ट गार्ड पदों पर भर्ती की जाए, न कि मानदेय आधारित असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड नियुक्त किए जाएं।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि सरकार की 28 अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड पद सृजित किए गए थे और विभाग ने सरकार के निर्देशानुसार उनके लिए भर्ती एवं पदोन्नति (R&P) नियमों का मसौदा भी तैयार कर भेज दिया है।
हालांकि, प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने स्पष्ट किया है कि 500 फॉरेस्ट गार्ड पद समाप्त करने और उनकी जगह असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड बनाने का निर्णय सरकार स्तर पर लिया गया है, इसलिए विभाग स्वयं इस पर निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है। इस कारण प्राप्त सभी अभ्यावेदन सरकार को आवश्यक कार्रवाई और विचार के लिए अग्रेषित कर दिए गए हैं।
अर्थात, वन विभाग ने सरकार के समक्ष कर्मचारी संगठनों की मांग रखते हुए 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड भर्ती पर पुनर्विचार और नियमित फॉरेस्ट गार्ड भर्ती बहाल करने का मामला विचारार्थ भेज दिया है।







