एप्पल न्यूज़, नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2021 से जुलाई 2026 तक के विदेश दौरों पर हुए खर्च का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
विदेश राज्य मंत्री शाबिस्ता पबित्र मार्घेरिटा ने सांसद संजय सिंह और वी. सदासन के प्रश्नों के लिखित उत्तर में बताया कि इस अवधि में प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर अब तक करीब 557 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि कुछ यात्राओं के बिलों का भुगतान अभी शेष है, इसलिए अंतिम राशि में आगे बदलाव संभव है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 4 देशों के दौरों पर 36.12 करोड़ रुपये, 2022 में 8 देशों पर 55.83 करोड़ रुपये, 2023 में 10 देशों पर 93.63 करोड़ रुपये, 2024 में 16 देशों पर 109.51 करोड़ रुपये, 2025 में 13 देशों पर 187.83 करोड़ रुपये तथा 2026 में जुलाई तक 12 देशों के दौरों पर 74.59 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
वर्ष 2025 प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के लिहाज से सबसे अधिक खर्च वाला वर्ष रहा। इस दौरान फ्रांस, अमेरिका, मॉरीशस, थाईलैंड, श्रीलंका, सऊदी अरब, कनाडा, ब्राजील, ब्रिटेन, मालदीव, चीन, जापान और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों की यात्राओं पर कुल 187.83 करोड़ रुपये खर्च हुए। इनमें फ्रांस की यात्रा सबसे महंगी रही, जिस पर 25.59 करोड़ रुपये खर्च हुए।
सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का उद्देश्य भारत के अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना और व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। जुलाई 2021 से अब तक इन दौरों के दौरान विभिन्न देशों के साथ सैकड़ों समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
वर्षवार खर्च (जुलाई 2026 तक):
2021: 4 देश – 36.12 करोड़ रुपये
2022: 8 देश – 55.83 करोड़ रुपये
2023: 10 देश – 93.63 करोड़ रुपये
2024: 16 देश – 109.51 करोड़ रुपये
2025: 13 देश – 187.83 करोड़ रुपये
2026 (जुलाई तक): 12 देश – 74.59 करोड़ रुपये
नोट: सरकार के अनुसार, कुछ यात्राओं का खर्च अभी जोड़ा जाना बाकी है, इसलिए कुल राशि में आगे संशोधन हो सकता है।






