एप्पल न्यूज, नई दिल्ली
भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार देर शाम अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों और डॉक्टरों की सलाह को इस्तीफे की वजह बताया है। उनके त्यागपत्र ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है।
धनखड़ ने राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में लिखा:
“स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं।”
उन्होंने राष्ट्रपति के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्रिमंडल को भी उनके समर्थन के लिए आभार जताया।
अचानक इस्तीफा, लेकिन पहले ही दे चुके थे रिटायरमेंट के संकेत
हाल ही में 74 वर्षीय जगदीप धनखड़ ने यह संकेत दिया था कि वह 2027 में राजनीति से रिटायर हो जाएंगे, लेकिन उससे पहले इस तरह अचानक पद छोड़ देना सभी को चौंका गया है।
सूत्रों की मानें तो स्वास्थ्य कारणों के अलावा सरकार से नाराजगी भी उनके इस फैसले की एक वजह हो सकती है। धनखड़ कृषि और अन्य मसलों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं।

अब इस इस्तीफे की हर ओर चर्चा हो रही है। कि आखिर इसे कौन से स्वास्थ्य कारण थे कि उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। जबकि अभी कार्यकाल आधा शेष थे। जानकार इसे राजनीतिक चश्मे में देखते हुए कई तरह की चर्चा कर थे हैं।
जून में तबीयत बिगड़ी थी, सीने में उठा था दर्द
धनखड़ की तबीयत 25 जून को उत्तराखंड के नैनीताल में कुमाऊं यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली समारोह के दौरान बिगड़ गई थी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद बाहर निकलते समय उनके सीने में अचानक तेज दर्द उठा।
पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें संभाला और तुरंत राजभवन ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच की गई।
धनखड़ ने 2022 में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। इससे पहले वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रह चुके थे। उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने राज्यसभा के सभापति की भूमिका निभाई और कई बार विपक्ष के साथ-साथ सरकार को भी संयमित रूप से सुझाव दिए।






