एप्पल न्यूज़, कुल्लू
जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार स्थित तीर्थन घाटी इन दिनों लगातार आगजनी की घटनाओं से जूझ रही है। वर्ष के अंतिम दिनों में भी क्षेत्र को राहत नहीं मिल पा रही है। ग्राम पंचायत पेखड़ी के गांव पेखड़ी में बुधवार दोपहर अचानक लगी आग से एक बार फिर ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
इस अग्निकांड में काष्ठकोनी शैली से बनी चार गौशालाएं और दो रिहायशी मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इससे प्रभावित परिवारों और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय देवता मैदान के पास बने पढ़ाछे से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, क्योंकि गौशालाएं और मकान एक-दूसरे के बेहद नजदीक बने हुए थे।
आग की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। पानी की भारी कमी के बावजूद ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास करते हुए आग को फैलने से रोकने की कोशिश की। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। हालांकि गुशेनी–पेखड़ी सड़क मार्ग केवल छोटे वाहनों के लिए ही खुला होने के कारण दमकल विभाग का छोटा वाहन ही घटनास्थल तक पहुंच सका।

समय पर की गई कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही राम सिंह मियां, बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र शौरी तथा स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया।
प्रशासन के अनुसार, ग्राम पंचायत पेखड़ी में यह दूसरी आगजनी की घटना है। नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी तीर्थन घाटी के झनियार गांव में आगजनी की बड़ी घटना हो चुकी है, जिसमें कई मकान जलकर खाक हो गए थे। लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में गहरी चिंता व्याप्त है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावितों को शीघ्र राहत दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व स्थायी कदम—जैसे अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता, जल भंडारण की व्यवस्था और सड़क संपर्क में सुधार—उठाए जाएं।







