एप्पल न्यूज़, शिमला
निदेशालय स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश ने सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में संजीव पासी, प्रवक्ता (अंग्रेज़ी) के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उनके द्वारा लंबे समय तक बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण की गई है।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, संजीव पासी जब राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GSSS) दाहन, जिला सिरमौर में तैनात थे, तब वे 1 जून 2022 से 30 नवम्बर 2023 के बीच अलग-अलग अवधि में कुल 234 दिनों तक जानबूझकर अनुपस्थित रहे।

बिना सूचना या स्वीकृति के लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहना न केवल शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि यह सरकारी सेवा नियमों का भी स्पष्ट उल्लंघन है।
उनका यह आचरण सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 के नियम 3(1)(i), (ii) और (iii) तथा एफआर-17ए के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में पाया गया।
उक्त मामले में पासी के विरुद्ध सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच शुरू की गई। जांच प्रक्रिया के दौरान सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहन समीक्षा की गई।
जांच अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में आरोपों को सही और प्रमाणित पाया। जांच रिपोर्ट और संबंधित अभिलेखों पर विचार करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने संजीव पासी को सरकारी सेवा से तत्काल प्रभाव से अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) की सजा देने का निर्णय लिया।
इसके अतिरिक्त, पासी पर अपने कार्यकाल के दौरान लगभग ₹4,13,000/- के वित्तीय गबन में शामिल होने के आरोप भी हैं। इस संबंध में विभाग ने 04 अक्टूबर 2025 को अलग से आरोप पत्र जारी किया है, जिसकी विभागीय कार्यवाही अभी चल रही है। जांच पूरी होने पर इस मामले में अलग से दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
निदेशालय स्कूल शिक्षा, हिमाचल प्रदेश यह स्पष्ट करता है कि विभाग में अनुशासन, ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोपरि है। शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सेवा नियमों का पालन अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।







