प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये की फौरी राहत जारी
- एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर
जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बुधवार देर शाम एक दुखद सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए। दुर्घटना शाम लगभग 6:30 बजे उस समय हुई, जब रामपुर–खड़ाहण–कोटाधार–खोलीघाट मार्ग पर चल रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस (एचपी 06ए 6454) गरटोला नामक स्थान के समीप अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में लगभग 22 यात्री सवार थे। हादसे में बस के परिचालक जय प्रकाश नेगी, निवासी गांव घड़ोली, डाकघर खुनी, तहसील ननखड़ी तथा 72 वर्षीय डाकू राम पुत्र कालूराम, निवासी गांव शाहदू, तहसील ननखड़ी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बुधवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। रामपुर–खड़ाहण–कोटाधार–खोलीघाट मार्ग पर नियमित सेवा दे रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस (पंजीकरण संख्या HP-06A-6454) शाम लगभग 6:30 बजे गरटोला के समीप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस के कई हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और घटनास्थल पर यात्रियों की चीख-पुकार गूंज उठी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में करीब 22 यात्री सवार थे। हादसे में बस के परिचालक जय प्रकाश नेगी तथा 72 वर्षीय दाखू राम की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि बस चालक हरी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा कई अन्य यात्रियों को भी गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर, खनेरी (रामपुर) पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बिना समय गंवाए घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के पहुंचने से पहले ही कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, HRTC के कर्मचारी तथा स्थानीय स्वयंसेवकों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान को तेज किया। एम्बुलेंस के माध्यम से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया।
इस दर्दनाक हादसे में परिचालक जय प्रकाश नेगी, निवासी गांव घड़ोली, डाकघर खुनी, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला तथा 72 वर्षीय दाखू राम, पुत्र कालूराम, निवासी गांव शाडू, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। दोनों के निधन से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
हादसे में बस चालक हरी सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सकों के अनुसार उनका उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके अलावा अन्य कई यात्रियों को सिर, हाथ, पैर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन ने सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राहत नियमों के तहत स्थानीय मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये की फौरी राहत राशि तत्काल जारी कर दी गई है। दूसरे मृतक से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके परिजनों को भी नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है तथा आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा अस्पताल प्रशासन को सभी घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त टीमें भी सक्रिय कर दी गई हैं ताकि किसी भी घायल को इलाज में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गंभीर घायलों की स्थिति पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र नेगी स्वयं महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर, खनेरी में मौजूद रहकर घायलों के उपचार, राहत व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक प्रबंधों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक कर घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। वहीं प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा करते रहे।
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुर्घटना के बाद अस्पताल में घायलों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन ने अस्पताल परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए घायलों के परिजनों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया। वहीं स्थानीय लोगों ने भी रक्तदान सहित अन्य आवश्यक सहयोग के लिए अपनी तत्परता दिखाई।
इस हृदयविदारक हादसे के बाद रामपुर, ननखड़ी, खड़ाहण, कोटाधार और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे दुर्घटना से संबंधित किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि दुर्घटना से प्रभावित सभी परिवारों, घायलों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राहत एवं बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ जारी हैं और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा राहत नियमों के तहत स्थानीय मृतक के परिजनों को -20 हजार रुपये की फौरी राहत राशि तत्काल जारी कर दी गई है। अन्य मृतक की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद फौरी राहत जारी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों को उपचार के लिए महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर, खनेरी (रामपुर) लाया जा रहा है, जहां चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन की टीम घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। वहीं, एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र नेगी अस्पताल में मौजूद रहकर उपचार एवं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि घायलों को समय पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
जिला प्रशासन ने कहा है कि दुर्घटना से प्रभावित परिवारों और घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।






